नीट प्रश्न पत्र लीक: पांच आरोपी न्यायिक हिरासत में, एक अन्य की सीबीआई हिरासत की अवधि बढ़ी
नरेश
- 20 May 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्न पत्र लीक मामले में पांच आरोपियों को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया और एक आरोपी की सीबीआई हिरासत की अवधि बढ़ा दी।
विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने पांचों आरोपियों - मंगीलाल खटिक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे - को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने के अनुरोध वाली याचिका को स्वीकार कर लिया।
न्यायाधीश गुप्ता ने आरोपी शुभम खैरनार से और पांच दिन तक (सीबीआई) हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी।
हिरासत के लिए अपनी अर्जी में, एजेंसी ने कहा कि खैरनार से पूछताछ करने की आवश्यकता है ताकि उन अन्य सह-आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की जा सके जिन्हें उसने नीट-यूजी (स्नातक) 2026 के प्रश्नपत्र बेचे थे। साथ ही, डिजिटल उपकरणों और साक्ष्यों को बरामद और विश्लेषण करने की भी आवश्यकता है, जिसमें बातचीत के रिकॉर्ड और ''प्रश्न पत्र लीक नेटवर्क'' से जुड़े वित्तीय लेनदेन शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि इस बड़ी साजिश और लीक हुए प्रश्न पत्र के स्रोत का पता लगाना होगा और आरोपियों को महाराष्ट्र के नासिक समेत देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाना होगा।
अर्जी के अनुसार, खैरनार से भी पूछताछ करने की जरूरत है ताकि उन स्थानों को चिह्नित किया जा सके जहां से कुछ उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र लीक किये गए थे।
इससे पहले, 14 मई को अदालत ने मंगीलाल खटिक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और शुभम खैरनार को सात दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था। अदालत ने कहा था कि प्रश्न पत्र लीक में ''संगठित गिरोह' की भूमिका होने का आरोपों से खुलासा हुआ है।
अगले दिन, लोखंडे को छह दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया और अदालत ने इस बात पर जोर दिया था कि एजेंसी को पूरी साजिश का पर्दाफाश करने, अन्य लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करने, सबूत बरामद करने और सबूतों से छेड़छाड़ को रोकने की जरूरत है।
इस बीच, बुधवार को केंद्रीय एजेंसी ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी मनीषा मांढरे और शिवराज मोटेगांवकर के हस्ताक्षर के नमूने भी मांगे।
सीबीआई ने मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले में अन्य आरोपी कथित सरगना प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी और मनीषा संजय वाघमारे हैं, जिन्हें 16 मई को 10 दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा गया था।
उसी दिन, सीबीआई ने जीव विज्ञान की व्याख्याता मनीषा मांढरे को गिरफ्तार किया जो राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा-निर्धारण समिति की सदस्य थीं। उसे 17 मई को 14 दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेजा गया।
एजेंसी के अनुसार, वाघमारे ने एनटीए से जुड़े एक सरकारी कर्मचारी और अन्य लोगों के साथ मिलकर नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त करने की साजिश रची। इसके बाद उसने उन्हें कई लोगों को, जिनमें लोखंडे जैसे कुछ आरोपी भी शामिल हैं, आर्थिक लाभ के लिए उपलब्ध कराया।
आरोप है कि कुलकर्णी ने वाघमारे और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर कुछ छात्रों को ''परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री'' उपलब्ध कराई जिसके बदले में मुख्य आरोपी, जो एक ''विषय विशेषज्ञ'' है, ने ''काफी बड़ी रकम'' ली।
इस मामले में 10वीं गिरफ्तारी 17 मई की शाम को लातूर में रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) कोचिंग संस्थान के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की हुई।
मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नीट(यूजी) 2026 परीक्षा, जो 3 मई को होनी थी, प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बीच दो दिन बाद रद्द कर दी गई।
सरकार ने सीबीआई को ''अनियमितताओं'' की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया है।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश
2005 2041 दिल्ली