खरगे के खिलाफ प्राथमिकी उन्हें चुप कराने की कोशिश, कांग्रेस नहीं डरती : सुक्खू
माधव
- 24 Apr 2026, 08:54 PM
- Updated: 08:54 PM
शिमला, 24 अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी उन्हें चुप कराने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की रणनीति से डरने वाली नहीं है और वह खरगे के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
सुक्खू ने कहा, "लोकतंत्र में मुख्य विपक्षी दल के अध्यक्ष को धमकाने के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। कांग्रेस डरी नहीं है, वह खरगे के साथ मजबूती से खड़ी है।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई ने बृहस्पतिवार को खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि खरगे ने 21 अप्रैल को चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को "आतंकवादी" कहा था।
धर्मशाला पुलिस थाने में भाजपा के राज्य मीडिया सह-प्रभारी विश्वचक्षु द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया कि खरगे ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर देश के 140 करोड़ लोगों का अपमान किया है। शिकायत में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान समाज में नफरत और वैमनस्य पैदा कर सकते हैं, जिससे अराजकता और कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए खरगे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
उधर, सुक्खू ने शुक्रवार को भाजपा से सवाल किया कि जब राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किया गया था, तब उसने विरोध क्यों नहीं किया।
एक दिन पहले भाजपा द्वारा विपक्षी दलों के खिलाफ संविधान संशोधन विधेयक पर मतदान को लेकर यहां पदयात्रा निकालने के बाद सुक्खू ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है और कांग्रेस ने उसका पूरा समर्थन किया था, तो फिर मौजूदा विरोध-प्रदर्शनों का उद्देश्य क्या है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ये विरोध केवल यह दर्शाते हैं कि भाजपा की महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने में वास्तविक रुचि नहीं है।
सुक्खू ने सवाल किया, "2023 में इस कानून को लागू क्यों नहीं किया गया? भाजपा अब यह क्यों कह रही है कि इसका क्रियान्वयन केवल परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ने के बाद ही होगा?"
उन्होंने कहा, "जब हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुआ, तब वे चुप रहे। जब राजस्व घाटा अनुदान बंद किया गया, तब भी उन्होंने कोई विरोध नहीं किया।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये के सहायता पैकेज को जारी करने की मांग को लेकर भाजपा ने अभी तक कोई विरोध दर्ज नहीं कराया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब केवल जनता का ध्यान भटकाने और राजनीतिक अवसरवाद के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है तथा यह हिमाचल प्रदेश के हितों के खिलाफ काम कर रही है।
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