कर्नाटक: होमस्टे में अमेरिकी महिला का यौन उत्पीड़न, दो गिरफ्तार
पवनेश
- 22 Apr 2026, 04:59 PM
- Updated: 04:59 PM
कोडागु (कर्नाटक), 22 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के कोडागु जिले के एक होमस्टे के एक कर्मचारी ने अमेरिकी महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यह घटना एक सप्ताह पहले कोडागु के कुट्टा गांव स्थित एक होमस्टे में हुई थी।
पुलिस ने बताया कि झारखंड के मूल निवासी एक कर्मचारी को इस घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया है। वह होमस्टे के आतिथ्य विभाग में काम करता था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि होमस्टे के मालिक को भी इस घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया है क्योंकि महिला द्वारा कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत किए जाने पर उसने पुलिस को मामले की जानकारी नहीं दी।
पुलिस के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया कि उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और फिर होमस्टे में कर्मचारी द्वारा उसका यौन उत्पीड़न किया गया।
पुलिस के अनुसार बाद में, जब उसने इस घटना के बारे में होमस्टे के मालिक को बताया तो उसने मामले को कथित तौर पर दबाने की कोशिश की और तीन दिनों के लिए वाई-फाई सेवा बंद कर दी, ताकि वह उस दौरान किसी से संपर्क नहीं कर सके।
पुलिस के अनुसार बाद में इंटरनेट पहुंच प्राप्त होने पर महिला ने कथित तौर पर मैसूरु जाने का बहाना बनाकर परिसर छोड़ा और अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों से सम्पर्क किया, जिन्होंने पुलिस से संपर्क में मदद की।
अधिकारी ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर यौन उत्पीड़न का एक मामला दर्ज किया गया है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
कोडागु के पुलिस अधीक्षक बिंदू मणि आर एन ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि घटना के संबंध में आरोपियों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि मामला सामने आते ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ''उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। होमस्टे जैसी कोई भी जगह चलाने वाले व्यक्ति के पास उचित लाइसेंस होना चाहिए। हमने होमस्टे चलाने के लिए आवश्यक मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को पहले ही निर्धारित कर दिया है। यदि इन नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसी घटनाएं होती हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।''
मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं से राज्य या समाज के बारे में गलत संदेश जाता है।
उन्होंने कहा, ''विशेषकर जब इसमें बाहरी या विदेशी शामिल होते हैं, तो हमारे समाज और हमारे देश के बारे में किस तरह का संदेश जाता है? इसीलिए कड़ी कार्रवाई आवश्यक है, और हम वह कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि घटना के बाद इसे दबाने के प्रयास किए गए। लेकिन पुलिस को सूचना मिलते ही उन्होंने उन्हें हिरासत में ले लिया और उनसे संबंधित जानकारी प्राप्त की।''
इस बीच, भाजपा विधान परिषद सदस्य सी टी रवि ने कहा कि सुरक्षा, गरिमा और जवाबदेही पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए और राज्य सरकार से इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने और न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''को़डागु के कुट्टा गांव में एक विदेशी महिला पर हुआ भयावह हमला बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य है। ऐसी घटनाएं भारत के 'अतिथि देवो भव' के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं। यह सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ अपराध नहीं है, बल्कि हमारे राष्ट्र की छवि और मूल्यों पर एक धब्बा है।''
भाषा अमित पारुल पवनेश
पवनेश
2204 1659 कोडागु