भाजपा का पतन शुरू हो गया, केंद्र सरकार अल्पमत में: ममता
पवनेश
- 18 Apr 2026, 07:12 PM
- Updated: 07:12 PM
हावड़ा (पश्चिम बंगाल), 18 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 2029 से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को संसद के निचले सदन में पारित करने में विफल रहने के बाद भाजपा का ''पतन'' शुरू हो गया है।
हावड़ा के उलुबेरिया और दक्षिण 24 परगना के बरुइपुर में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि शुक्रवार को संसद में हुए घटनाक्रम ने यह प्रदर्शित किया है कि भाजपा अपने बूते बहुमत वाली पार्टी नहीं रह गई है और यह दो सहयोगियों के समर्थन से सत्ता में बनी हुई है।
उन्होंने कहा, ''कल साबित हो गया कि यह अब बहुमत वाली सरकार नहीं हैं। यह अल्पमत सरकार है। वे दो पार्टियों के समर्थन से किसी तरह इसे चला रहे हैं।''
मुख्यमंत्री ने भाजपा की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सहयोगी दलों पर निर्भरता की ओर इशारा करते हुए यह बात कही।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनावों से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
बनर्जी ने सवाल किया कि महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से क्यों जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने पूछा, ''इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा जा रहा है?'' उन्होंने एक बंगाली मुहावरे का हवाला देते हुए दावा किया कि ''केंद्र अपने असली इरादों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।''
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले, बनर्जी ने भाजपा को लोकसभा में मिली पराजय को एक व्यापक राजनीतिक विमर्श बनाने की कोशिश की और इसे ''राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के पतन की शुरुआत'' बताया।
तृणमूल प्रमुख ने उलुबेरिया में समर्थकों से कहा, ''मोदी साहब का पतन कल दिल्ली में शुरू हुआ। लोकसभा में आप हार चुके हैं, अब आपको जमीनी स्तर पर शिकस्त मिलेगी। बंगाल उस ओर ले जाएगा।''
अपने खास अंदाज में, बनर्जी ने राजनीतिक हमलों को व्यक्तिगत किस्सों के साथ मिलाकर पेश किया।
महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग से अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए बनर्जी ने कहा कि वह 1998 से इस मुद्दे के लिए संघर्ष कर रही हैं, भाजपा द्वारा इसे मुद्दा बनाने से बहुत पहले से।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''यह महिलाओं का विधेयक नहीं था। मैं 1998 से महिलाओं के लिए आरक्षण को लेकर संघर्षरत हूं। वे झूठ फैलाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।''
तृणमूल सुप्रीमो ने केंद्र पर महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का आरोप लगाया ताकि एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र को छिपाया जा सके।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन का उद्देश्य राजनीतिक सीमाओं को पुनर्निर्धारित करना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को कमजोर करना है।
उन्होंने कहा, ''यह देश को बांटने, बंगाल को बांटने और हर राज्य को बांटने की साजिश थी। मकसद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना था। हमने अपने 21 सांसदों को संसद भेजा क्योंकि यह मुद्दा महत्वपूर्ण था। हम बंगाल को बंटने नहीं देंगे।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को महिला सशक्तीकरण पर उनकी पार्टी को उपदेश देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि तृणमूल ने देश की अधिकांश पार्टियों की तुलना में महिलाओं के लिए पहले ही अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर लिया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्वाचित लोकसभा सदस्यों में लगभग 37 प्रतिशत और राज्यसभा सदस्यों में 46 प्रतिशत महिलाएं हैं।
उन्होंने कहा, ''हमने पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है। मुझे कोई और पार्टी बताइए, जिसने ऐसा किया हो।''
उलुबेरिया से बरुइपुर जाते ही बनर्जी ने अपना हमला और तीखा कर दिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ''देखा आपने नीतीश कुमार का क्या हुआ? चुनाव के दौरान उनका इस्तेमाल किया गया और फिर उन्हें किनारे कर दिया गया।''
बनर्जी ने भाजपा पर विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों का ''दुरुपयोग'' करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की अपनी गरिमा है। हम केंद्रीय बलों के इस्तेमाल के जरिये बंगाल पर कब्जा करने की हर साजिश को नाकाम करेंगे। कल दिल्ली में (नरेन्द्र) मोदी के पतन की शुरुआत हुई। बंगाल में चुनावी हार उनका दूसरा पतन होगा।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''आप देश को लूट रहे हैं और उसे बर्बाद कर रहे हैं। जब आप सऊदी अरब जाते हैं और वहां के नेताओं को गले लगाते हैं, तो आप हिंदू-मुस्लिम की बात नहीं करते। इतना अधिक बीफ निर्यात होता है। लेकिन बंगाल में आप लोगों को मछली और मांस खाने से रोकना चाहते हैं।''
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश
1804 1912 हावड़ा