भाजपा महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में परिसीमन विधेयक ला रही है: ममता
पवनेश
- 17 Apr 2026, 05:52 PM
- Updated: 05:52 PM
कूच बिहार (पश्चिम बंगाल), 17 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार संसद में महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधन का इस्तेमाल परिसीमन विधेयक के लिए "आवरण" के रूप में कर रही है, जो देश को "टुकड़ों में बांट देगा।"
उन्होंने यहां एक चुनावी रैली में कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस कदम का हर स्तर पर विरोध करेगी।
लोकसभा में बृहस्पतिवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पेश किया गया जिसका उद्देश्य महिला आरक्षण कानून में संशोधन के साथ-साथ परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक में बदलाव करना है। इन विधेयकों के जरिए दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर में संशोधित महिला आरक्षण कानून को लागू करने का प्रस्ताव है।
संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया के बाद 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून को "कार्यान्वित" करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 की जाएंगी।
महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
केंद्र के इस कदम का विरोध करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि "भाजपा ने महिला आरक्षण विधेयक को आगे रखकर परिसीमन विधेयक पेश किया है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा परिसीमन विधेयक के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या करीब 850 तक बढ़ाने की कोशिश कर रही है। यह देश टुकड़ों में बांट देगा।"
केंद्र सरकार पर विधेयक पेश करने को लेकर विधि विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, "एक पूर्व सांसद के रूप में मैं जानती हूं कि संविधान संशोधन विधेयक बिना दो-तिहाई बहुमत के पारित नहीं हो सकता।"
बनर्जी ने कूचबिहार की रैली में कहा कि उन्हें अपने सांसदों से जानकारी मिली है कि इन विधेयकों को साधारण बहुमत से पारित कराने की कोशिश की जा रही है।
यह उल्लेख करते हुए कि उनकी पार्टी में पहले से ही 37 प्रतिशत महिला सांसद हैं, उन्होंने भाजपा से भी इसका अनुकरण करने और राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की ओर से महिला उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने को कहा।
तृणमूल प्रमुख ने कहा, "बंगाल में जीत के बाद हम दिल्ली में उनकी सरकार गिरा देंगे।"
उन्होंने यह आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले सप्ताह भाजपा की एक रैली में उत्तर बंगाल के विकास को लेकर सच नहीं बोला।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर बंगाल के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया, लेकिन हमने इस क्षेत्र के विकास पर 1.72 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।"
बनर्जी ने मोदी से ऐसे बयान देने से पहले तथ्यों की जांच करने को कहा।
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान कूचबिहार जिले के शीतलकुची में मतदान के दिन हुई झड़प में केंद्रीय बलों की गोलीबारी से चार लोगों की मौत का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि वह उस समय प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंची थीं।
उन्होंने कहा कि वह "अकेले ही भाजपा से लड़ रही हैं" और आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
बनर्जी ने कहा, "लोकतंत्र में गोलियों से नहीं, बैलेट से काम होता है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि सीएए को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनीक्षण (एसआईआर) की आड़ में लागू किया जा रहा है और दावा किया कि बंगाल के वैध निवासियों को "घुसपैठिए" करार दिया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नौ लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं।
बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल से आए प्रवासी श्रमिकों को अन्य राज्य उनके कौशल के कारण लेते हैं, न कि दान के रूप में।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के 15 लाख लोग बंगाल में काम करते हैं, "लेकिन हम उनके खिलाफ कोई अत्याचार नहीं करते।"
बनर्जी ने रैली में कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से तीन सवाल पूछना चाहती हैं।
उन्होंने सवाल किया,"सत्ता में आने से पहले आपने दो करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था। क्या पिछले 12 वर्षों में आपने किसी एक व्यक्ति को भी नौकरी दी है? क्या किसी के बैंक खाते में 15 लाख रुपये आए, जैसा वादा किया गया था? 2016 में नोटबंदी के दौरान काले धन को वापस लाने का जो लक्ष्य बताया गया था, क्या उसे हासिल किया गया?"
बनर्जी ने दावा किया कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने उत्तर बंगाल में कई विकास कार्य किए और नई रेल लाइनें शुरू कीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 12 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार को 24 करोड़ नौकरियां देनी चाहिए थीं, लेकिन इसके बजाय केंद्र ने कोयला, दूरसंचार और नागरिक उड्डयन क्षेत्रों के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश कर दिया है।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि तृणमूल के पार्टी कार्यालयों और उम्मीदवारों के आवासों पर "राजनीतिक बदले की भावना" से छापे मारे जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि "मेरे विमान पर छापे की योजना बनाई जा रही है और मेरे सुरक्षा अधिकारियों के ठिकानों पर भी छापे मारे जा रहे हैं।"
उन्होंने भाजपा पर तृणमूल से राजनीतिक तौर पर लड़ने के बजाय केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
भाषा
राखी पवनेश
पवनेश
1704 1752 कूच बिहार