विपक्षी दलों ने हिमंत विश्व शर्मा पर साधा निशाना
नरेश
- 15 Apr 2026, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
गुवाहाटी, 15 अप्रैल (भाषा) असम में विपक्षी नेताओं ने बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की विभिन्न मुद्दों पर की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए उनकी ''मानसिक सेहत'' पर सवाल उठाए और उन्हें ''सत्ता के अहंकार में डूबा तानाशाह'' बताया।
शर्मा ने 'एबीपी न्यूज' के साथ साक्षात्कार में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा उनकी पत्नी पर लगाए गए आरोपों, घुसपैठ विरोधी अभियानों, भारत-बांग्लादेश संबंधों और विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई मुद्दों पर बात की।
असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रता सैकिया ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''मैं शर्मा की अलोकतांत्रिक, गैर-जिम्मेदाराना और अप्रासंगिक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता हूं, जिन्होंने मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। शर्मा ने राष्ट्रीय मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में अशोभनीय और शर्मनाक टिप्पणियां की हैं।''
सैकिया ने कहा कि शर्मा के साक्षात्कार से यह साबित हो गया है कि सत्ता के अहंकार में उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थानों के प्रति न्यूनतम सम्मान भी खो दिया है।
उन्होंने कहा, ''हम उनकी टिप्पणियों का कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने असम पुलिस के प्रति घोर पाखंड और अपमान दिखाया। जुबीन गर्ग मामले के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि असम पुलिस सिंगापुर पुलिस से बेहतर है। आज वह अपनी राजनीतिक विफलता को छिपाने के लिए उसी पुलिस को 'बुरा' कह रहे हैं।''
सैकिया ने कहा कि शर्मा की यह टिप्पणी निंदनीय है कि उन्होंने गुवाहाटी पुलिस आयुक्त को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद शहर छोड़ने की अनुमति देने के आरोप में निशाने पर लिया है।
राहुल गांधी के बारे में टिप्पणियों पर सैकिया ने कहा कि एआई ऐप का संदर्भ देते हुए उनका अपमान करना मुख्यमंत्री की मानसिक सेहत पर ही सवाल उठाता है।
असम जातीय परिषद (एजेपी) के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई ने भी मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए उनके बयानों को ''अमर्यादित'' और ''बेतुका'' बताया।
उन्होंने दावा किया कि शर्मा ''हताश'' हैं और चार मई को चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले लोगों को गुमराह करके ''भागने का रास्ता'' तलाश रहे हैं।
भाषा आशीष नरेश
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