देश में बेरोजगारी मार्च में मामूली बढ़कर 5.1 प्रतिशत पर: सरकारी आंकड़ा
अजय
- 15 Apr 2026, 05:37 PM
- Updated: 05:37 PM
नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) देश में बेरोजगारी मामूली बढ़ी है। पंद्रह वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की बेरोजगारी दर इस साल मार्च में बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 4.9 प्रतिशत थी। इसका मुख्य कारण शहरी क्षेत्रों में उच्च बेरोजगारी दर है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के निश्चित अवधि पर होने वाले श्रमबल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) आबादी की गतिविधियों में भागीदारी, रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति पर आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है।
पीएलएफएस सर्वेक्षण के तौर-तरीकों को जनवरी, 2025 से संशोधित किया गया है ताकि देश के लिए श्रम बल संकेतकों के मासिक और तिमाही अनुमान प्रदान किए जा सकें।
अप्रैल, 2025 से फरवरी, 2026 तक के मासिक बुलेटिन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। मार्च, 2026 का वर्तमान मासिक बुलेटिन इस श्रृंखला का 12वां बुलेटिन है।
पीएलएफएस पर जारी एक बयान में कहा गया है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में बेरोजगारी दर मार्च, 2026 में में मामूली बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई है जो फरवरी, 2026 में 4.9 प्रतिशत थी। मुख्य रूप से शहरी बेरोजगारी दर में वृद्धि के कारण यह बढ़ोतरी हुई है, जो मार्च, 2026 में बढ़कर 6.8 प्रतिशत हो गई जबकि बीते महीने फरवरी में यह 6.6 प्रतिशत थी।
बयान के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की ग्रामीण महिलाओं में बेरोजगारी दर मार्च, 2026 में लगभग स्थिर रही, जबकि इसी आयु वर्ग के पुरुषों में बेरोजगारी दर फरवरी, 2026 की तुलना में मार्च, 2026 में मामूली अधिक थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला बेरोजगारी दर मार्च, 2026 में स्थिर बनी रही।
अखिल भारतीय स्तर पर, मासिक अनुमान कुल 3,75,262 व्यक्तियों के सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
शहरी श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) में स्थिरता का रुख है।
मार्च, 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में समग्र श्रम बल भागीदारी दर 55.4 प्रतिशत दर्ज की गई, जो फरवरी, 2026 के 55.9 प्रतिशत से थोड़ी कम है।
ग्रामीण क्षेत्रों में एलएफपीआर मार्च, 2026 में 58 प्रतिशत थी, जबकि फरवरी, 2026 में यह 58.7 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में एलएफपीआर लगभग स्थिर रही।
बयान के अनुसार, इस साल मार्च में महिला श्रम बल भागीदार दर 34.4 प्रतिशत रही, जबकि फरवरी, 2026 में यह 35.3 प्रतिशत थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एलएफपीआर मार्च, 2026 में 38.9 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 25.2 प्रतिशत थी।
बयान के अनुसार, बीते महीने शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) में व्यापक रूप से स्थिरता बनी रही।
बीते माह समग्र डब्ल्यूपीआर 52.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में, मार्च, 2026 में डब्ल्यूपीआर 55.5 प्रतिशत था, जबकि फरवरी, 2026 में यह 56.3 प्रतिशत था। वहीं, शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर मार्च, 2026 में 46.8 प्रतिशत था, जबकि फरवरी, 2026 में यह 47 प्रतिशत था।
भाषा रमण अजय
अजय
1504 1737 दिल्ली