कार में शराब पीने का विरोध करने पर ब्रिगेडियर व उनके बेटे पर हमला, पत्नी को धमकाया
दिलीप
- 13 Apr 2026, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) दक्षिण पश्चिम दिल्ली के वसंत एन्क्लेव इलाके में कार में शराब पीने का विरोध करने पर भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर और उनके आईआईटी से पढ़े बेटे पर कुछ लोगों ने कथित रूप से हमला कर दिया तथा सैन्य अधिकारी की पत्नी को धमकाया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला शनिवार का है। सैन्य अधिकारी ने अपने घर केपास खड़ी लग्जरी कार के अंदर दो लोगों के शराब पीने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद बहस शुरू हुई।
जब ब्रिगेडियर ने आपत्ति जताई, तो मौके पर जमा हुए लोगों के एक समूह ने उन पर और उनके बेटे पर हमला किया और उनकी पत्नी को धमकी दी।
मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 79 (किसी महिला की गरिमा का अपमान करने या उसकी निजता का उल्लंघन करने के इरादे से कोई शब्द, इशारा, कार्य), 191(2) (दंगा) और 190 (गैरकानूनी सभा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने एक बयान में कहा, "हमने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच के दौरान निरीक्षक/जांच अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई गई है, जिसके चलते उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है।"
भारतीय सेना ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है।
सेना ने एक बयान में कहा, "भारतीय सेना ने मामले का गंभीर संज्ञान लिया है। सेना पुलिस के एक दल को अधिकारी की सहायता के लिए भेजा गया है। दिल्ली पुलिस से त्वरित जांच और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए संपर्क किया गया है।"
परिवार के सदस्यों द्वारा रिकॉर्ड इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें एक कार के अंदर दो पुरुषों को शराब की बोतल पकड़े हुए देखा जा सकता है।
ब्रिगेडियर के बेटे, तेजस सिंह अरोड़ा ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, "शनिवार रात, खाना खाने के बाद, मेरे पिता, ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा और मैं टहलने निकले थे। हमने एक लग्जरी कार के अंदर दो लोगों को खुलेआम शराब पीते और धूम्रपान करते देखा।"
तेजस ने कहा कि उन्होंने उन व्यक्तियों से विनम्रतापूर्वक कहीं और जाने का अनुरोध किया, क्योंकि यह एक आवासीय क्षेत्र है और सार्वजनिक रूप से शराब पीना अनुचित है।
उन्होंने कहा, "जैसे ही हमने उनसे जाने का अनुरोध किया, वे आक्रामक हो गए और हमें किसी को भी फोन करने की चुनौती देने लगे। तब मेरे पिता ने मुझे पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन करने के लिए कहा।"
तेजस ने आरोप लगाया कि जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बजाय, उनमें से एक व्यक्ति ने अधिकारी से फोन पर बात की, जिसके बाद अफसर ने उनसे कहा कि वह इस मामले को बाद में देखेंगे।
उन्होंने दावा किया, "कुछ ही देर बाद, दो गाड़ियों में सात-आठ लोग आए और हमें पीटने लगे और मेरी मां को गालियां देने लगे। वे आरोपी के साथी थे।"
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में करीब 15 मिनट तक उन्हें लगातार पीटा गया।
तेजस ने आरोप लगाया, "पांच-छह लोग लगातार मेरी पिटाई करते रहे, जबकि मेरे पिता भी चारों ओर से घिरे हुए थे। हमने पुलिस को बुलाया था, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया।"
तेजस के चेहरे, गर्दन और हथेली पर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे अधिकारी अपनी गाड़ी में ही बैठे रहे और उन्होंने कोई सहायता नहीं की।
ब्रिगेडियर की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद अधिकारी ने उनके अनुरोधों के बावजूद हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने दावा किया, "जब हमलावर मेरे बेटे को पीट रहे थे, तब अधिकारी ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। जब मैंने मदद के लिए गुहार लगाई, तो उसने कहा कि वह अपनी टीम के आने के बाद ही कार्रवाई कर सकता है।"
उनकी पत्नी ने यह भी बताया कि हमलावरों के चले जाने के बाद, अधिकारी ने उन्हें थाने ले जाने से इनकार कर दिया।
थाने में परिवार ने दावा किया कि उन्हें और भी उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
ब्रिगेडियर की पत्नी ने पत्रकारों को बताया, "उन्होंने हमें लगभग आधे घंटे तक इंतज़ार कराया। एक महिला अधिकारी ने कहा कि उनके पास 'खाली समय' नहीं है, क्योंकि हमने पीसीआर को कई बार फोन किया था। जब मेरे पति ने कहा कि हम दोनों भी वर्दीधारी हैं और बुनियादी सम्मान के हकदार हैं, तो वह आक्रामक हो गईं।"
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बेटे के जख्मी होने के बावजूद, पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से पहले एमएलसी रिपोर्ट पर जोर दिया और उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया।
उन्होंने आरोप लगाया, "अंततः, मेरे पति स्वयं हमारे बेटे को इलाज और एक्स-रे के लिए आर्मी हॉस्पिटल ले गए।"
जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि पीड़ितों को अस्पताल न ले जाने के आरोप निराधार हैं और उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई थी।
अधिकारी ने कहा, "उन्होंने आर्मी हॉस्पिटल जाना बेहतर समझा। हमारी टीम ने उनका साथ दिया। बाकी टीम हर पहलू की जांच कर रही हैं।"
सेना के पूर्व अधिकारी कर्नल दानवीर सिंह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि कश्मीर के अंदरूनी इलाकों समेत अन्य स्थानों पर कई अभियानों का हिस्सा रहे ब्रिगेडियर से "मर्सिडीज बेंज के गुंडे" ने सार्वजनिक रूप से शराब पीने से मना कर पर मारपीट की। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा हैरत की बात यह है कि घटना के वक्त वहां पुलिस मौजूद थी। उन्होंने कहा कि खासकर राष्ट्रीय राजधानी में समाज व पुलिस का व्यवहार कितना चौंकाने वाला है।
भाषा नोमान दिलीप
दिलीप
1304 2056 दिल्ली