आयुष बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में हारे
आनन्द
- 12 Apr 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
निंगबो (चीन), 12 अप्रैल (भाषा) भारत के आयुष शेट्टी को रविवार को यहां बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी शी युकी के खिलाफ सीधे गेम में हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मंगलुरु के 20 साल आयुष को लय हासिल करने में परेशानी हुई और वह चीन के मौजूदा विश्व चैंपियन से 8-21, 10-21 से हार गए जिससे इस प्रतियोगिता में भारत का पुरुष एकल स्वर्ण पदक का 61 साल का इंतजार जारी रहा।
हार के बावजूद गैरवरीय आयुष का अभियान शानदार रहा। वह दिनेश खन्ना के बाद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बने।
खन्ना इस प्रतियोगिता में एकमात्र भारतीय एकल चैंपियन हैं। उन्होंने 1965 में यह खिताब जीता था।
खन्ना के अलावा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने भी 2023 में यह खिताब जीता था।
आयुष ने कहा, ''मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सच में एक बहुत अच्छा हफ्ता रहा। मैंने कुछ शानदार जीत हासिल कीं और सभी मैच काफी मुश्किल थे। इसलिए मुझे लगता है कि यह मेरे लिए एक बेहतरीन हफ्ता था और जिस तरह से मैंने पूरे हफ्ते खेला, उस पर मुझे गर्व है। ''
उन्होंने कहा, ''61 साल बाद यह उपलब्धि हासिल करना मेरे लिए सच में कुछ बहुत खास है और यह मुझे और भी ज्यादा मेहनत करने और और भी ज्यादा मजबूत बनकर वापसी करने के लिए प्रेरित करता है। ''
दुनिया के 25वें नंबर के खिलाड़ी आयुष इस साल की शुरुआत में मलेशिया सुपर 1000 और पिछले सत्र में इंडोनेशिया मास्टर्स में शी से हारने के बाद इस मुकाबले में उतरे थे।
आयुष ने हालांकि इस हफ्ते अधिक नियंत्रण और आक्रामकता के साथ खेला और फाइनल के अपने सफर के दौरान दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कुनलावत वितिदसार्न, दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी और वर्ल्ड सातवें नंबर के खिलाड़ी ली शी फेंग को हराया।
आयुष ने हालांकि शी की कड़ी चुनौती के सामने घुटने टेक दिए। चीन के खिलाड़ी ने उन्हें अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल खेलने का मौका नहीं दिया।
आयुष ने कहा, ''फाइनल के बारे में सोचकर थोड़ी निराशा हो रही है। मैं सच में एक शानदार मैच खेलना चाहता था। मुझे लगता है कि आज शि हीं ज्यादा बेहतर खिलाड़ी थे। उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा और मुझे मैच में वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया।
उन्होंने कहा, ''निश्चित रूप से इससे बहुत कुछ सीखने को मिला है। मुझे अपनी सहनशक्ति और अपनी ताकत पर काम करना होगा। पीछे से किए जाने वाले अलग-अलग तरह के शॉट्स पर भी। मुझे लगता है कि यह मेरे लिए एक अच्छा सबक है और मैं इसे एक सीख के तौर पर लूंगा। ''
शी ने अपने खेल की विविधता से भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया और कुछ सटीक स्मैश भी लगाए। चीन के खिलाड़ी ने दो बढ़िया नेट ड्रिबल से शुरुआती अंक हासिल किए और 4-0 की बढ़त बना ली।
आयुष के स्मैश शुरू में सटीक नहीं थे और वह 2-6 से पिछड़ गए। चीन के खिलाड़ी ने लंबी रैली के बाद बाहर शॉट बाहर जिससे आयुष को कुछ राहत मिली। शी हालांकि ब्रेक तक 11-6 की बढ़त बनाने में सफल रहे।
आयुष नियंत्रण हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे थे और उन्होंने कई सहज गलतियां की।
शी ने शानदार ड्रॉप शॉट लगाया और क्रॉस कोर्ट शॉट लगाकर आयुष को गलतियां करने के लिए मजबूर किया। शी ने दो स्मैश के साथ गेम प्वाइंट हासिल किए और फिर आयुष के बाहर शॉट मारने से पहला गेम जीत लिया।
भारतीय खिलाड़ी को मैच में बने रहने के लिए दूसरा गेम जीतना था। उन्होंने बेहतर शुरुआत करते हुए 3-1 की बढ़त बनाई लेकिन शी ने नेट पर कुछ अच्छे शॉट खेलकर उन पर दबाव बनाए रखा।
आयुष हालांकि 7-2 की बढ़त बनाने में सफल रहे लेकिन इसके बाद उन्होंने लय गंवा दी। भारतीय खिलाड़ी ने दो शॉट बाहर जबकि एक नेट पर मारा जिससे शी ने 7-7 के स्कोर पर बराबरी हासिल कर ली और फिर ब्रेक तक 11-8 से आगे हो गए।
ब्रेक के बाद शी पूरी तरह छाए रहे। उन्होंने कछ अच्छे स्मैश से स्कोर 13-8 किया और फिर इसे 15-9 तक पहुंचाया। शी ने बॉडी रिटर्न अंक के बाद सीधे स्मैश से स्कोर 17-9 किया।
आयुष ने फिर एक और शॉट बाहर मारा जबकि शी स्मैश के साथ अंक जुटाकर खिताब से सिर्फ दो अंक दूर पहुंच गए।
शी ने क्रॉस कोर्ट स्मैश मारकर 10 मैच प्वाइंट हासिल किए और एक ऐसे रिटर्न पर मैच अपने नाम कर लिया जिस पर भारतीय खिलाड़ी के कूल्हे में जकड़न आ गई।
भाषा सुधीर नमिता आनन्द
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