भाजपा ने 'घुसपैठिए' संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की आलोचना
माधव
- 10 Apr 2026, 09:19 PM
- Updated: 09:19 PM
नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि उसके नेताओं ने गुजरात और अन्य राज्यों के लोगों के खिलाफ बार-बार ''अपमानजनक'' टिप्पणियां की हैं, जिनमें ''घुसपैठिए'' से लेकर ''शैतान'' तक के अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश में कहा, ''एक बार फिर, कांग्रेस ने दिखा दिया है कि वह गुजरातियों और अन्य समुदायों को गाली देना और उनका अपमान करना अपनी पहचान मानती है। मल्लिकार्जुन खरगे की उस टिप्पणी के बाद जिसमें उन्होंने गुजरातियों और उत्तर भारतीयों को 'निरक्षर' बताया था, अब राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले कन्हैया कुमार ने कहा है कि गुजराती घुसपैठिए हैं। उन्होंने असमिया लोगों के बारे में भी इसी तरह की टिप्पणी की है।''
उन्होंने कहा, ''यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। यह 'प्रेम की दुकान' नहीं, बल्कि 'धमकी और नफरत का भाईचारा' है। इसने लगातार लोगों को निशाना बनाया है और उन्हें राक्षस, अनपढ़ और घुसपैठिए कहा है।''
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनावी हार का सामना करते समय 'समुदायों और क्षेत्रों का अपमान करने' की परिपाटी विकसित कर ली है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोध में, यह पार्टी लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़का रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ''चूंकि कांग्रेस चुनाव हार रही है, इसलिए नरेन्द्र मोदी और भाजपा के विरोध में उसने गुजरात और भारत के अन्य राज्यों से नफरत करना शुरू कर दिया है। वह चाहती है कि भारतीय धर्म, भाषा और राज्य के आधार पर आपस में लड़ें। यह उसी का एक और उदाहरण है।''
उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
पूनावाला ने कहा, ''चाहे द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) हो, तृणमूल कांग्रेस हो या कांग्रेस के नेता हों - वे अलग-अलग राज्यों के लोगों को गाली देते रहे हैं क्योंकि उनके डीएनए में 'टुकड़े-टुकड़े' है।''
भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस की राज्य इकाइयां और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव सहित उसके सहयोगी दल, खरगे और कुमार के दिए गए बयानों से सहमत हैं।
सत्तारूढ़ पार्टी की प्रतिक्रिया असम के बोंगाईगांव में एक रैली के दौरान कन्हैया कुमार द्वारा दिये गए एक कथित बयान के बाद आई है। कुमार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं की ओर परोक्ष इशारा करते हुए कथित तौर पर कहा,''सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है।'' उन्होंने ऐसे लोगों को ''बाहर निकालने'' का आह्वान किया।
कुमार ने चुनावी जनसभा में कथित तौर पर कहा था, ''एक पत्रकार ने घुसपैठियों का मुद्दा उठाया। मैंने कहा कि सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ-साथ उसे भी यहां से बाहर निकाल देना चाहिए।''
पूनावाला ने कुमार के भाषण का वीडियो साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।
पूनावाला ने गुजरात पर खरगे के बयान का बचाव करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई द्वारा दिये गए बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
दलवाई की टिप्पणियों का हवाला देते हुए, भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने भगवा पार्टी का समर्थन करने वालों को 'मूर्ख' कहकर मतदाताओं का अपमान किया है।
दलवाई ने कथित तौर पर कहा था, ''ऐसा नहीं है कि वे निरक्षर हैं, बल्कि वे मूर्ख हैं। भाजपा में विश्वास रखने वाले लोग लोगों और समाज में फूट पैदा कर रहे हैं।''
पूनावाला ने कहा, ''अब हुसैन दलवाई ने भाजपा मतदाताओं को मूर्ख कहकर लोगों का अपमान किया है। करोड़ों लोग जिन्होंने बार-बार भाजपा को वोट दिया है, उनका अपमान हो रहा है।''
पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के विपरीत भाजपा जनता को 'भगवान और मालिक'और अपने नेताओं को 'सेवक' मानती है जबकि विपक्षी पार्टी अपने नेतृत्व को सर्वोच्च मानती है।
इससे पहले, केरल के इडुक्की जिले में एक चुनावी जनसभा के दौरान खरगे ने यह कथित तौर पर यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि दक्षिणी राज्य के लोग 'शिक्षित और चतुर' हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता है, जबकि गुजरात और कुछ अन्य स्थानों के लोग 'निरक्षर' हैं।
इस बयान का विरोध होने पर कांग्रेस अध्यक्ष ने आठ अप्रैल को खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मन में हमेशा से गुजरात के लोगों के लिए सर्वोच्च सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा।
खरगे ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा,''केरल में हाल ही में दिए गए मेरे चुनावी भाषण में की गई कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं इसके लिए हार्दिक खेद व्यक्त करता हूं।''
भाषा धीरज माधव
माधव
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