केंद्र का राज्यों को एलपीजी आपूर्ति पर नजर रखने, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने का निर्देश
प्रशांत
- 11 Mar 2026, 11:18 PM
- Updated: 11:18 PM
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी आपूर्ति पर कड़ी नजर रखने और सिलेंडर की जमाखोरी या कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण देश में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी के बीच, यह निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह जानकारी दी गई कि आठ मार्च के एलपीजी से संबंधित आदेश में रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सूचना और प्रसारण, और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों के सचिवों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शामिल हुए। बैठक में यह बताया गया कि होटलों और रेस्तरां सहित वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी सिलेंडर के वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन "अस्पतालों या शैक्षणिक संस्थानों को नहीं"।
अधिकारियों ने बताया कि गृह सचिव ने अधिकारियों को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई जमाखोरी या कालाबाजारी न हो, जिससे कीमतें बढ़ें।
यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री और वितरण सुचारू हो और कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े। वहीं मुख्य सचिवों को पुलिस और अन्य अधिकारियों से स्थिति की नियमित रिपोर्ट लेने और केंद्र के निर्देशों के बारे में पुलिस को जानकारी देने के लिए कहा गया।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और फर्जी खबरों को हटाने तथा पुरानी या असंबंधित सामग्री प्रसारित करके गलत धारणाओं के प्रसार को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की भी सलाह दी गई है।
गृह मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नोडल अधिकारियों के साथ एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है।
नियंत्रण कक्ष तथ्यों की जांच करने और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मौजूदा स्थिति से संबंधित किसी भी मामले पर तत्काल स्पष्टीकरण जारी करने में सक्षम बनाएगा।
भारत में सालाना लगभग 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है। इसका 87 प्रतिशत घरेलू क्षेत्र यानी घरों की रसोई में और बाकी होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है। कुल आवश्यकता का 62 प्रतिशत आयात से पूरा होता है।
इस बीच दिल्ली सरकार ने बुधवार को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और निवासियों से संभावित कमी के बारे में "अफवाहों" पर ध्यान न देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि दिल्ली में ईंधन की कोई कमी नहीं है, और सरकार ने अधिकारियों को गैस की चोरी या कालाबाजारी के किसी भी मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
भाषा आशीष प्रशांत
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