इंदिरा गांधी के शासनकाल में कांग्रेस को सीआईए और केजीबी से धन प्राप्त हुआ था: भाजपा
माधव
- 27 Feb 2026, 09:27 PM
- Updated: 09:27 PM
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) भाजपा ने शुक्रवार को विभिन्न पुस्तकों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बाहरी ताकतों के प्रभाव से ''समझौता'' कर लिया था, और अगर अतीत के ऐसे अन्य मामले सामने आए तो कांग्रेस तथा राहुल गांधी जनता की नजरों में सम्मान खो देंगे।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवादददाता सम्मेलन में यह भी आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी के शासनकाल के दौरान कांग्रेस ने विभिन्न अवसरों पर अमेरिकी जासूसी एजेंसी सीआईए और पूर्व सोवियत संघ की केजीबी से धन प्राप्त किया था।
उन्होंने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ बार-बार आरोप लगाए जाने पर कांग्रेस और राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की तथा इसे विपक्षी दल का ''प्रायोजित एवं संगठित'' दुष्प्रचार बताया।
त्रिवेदी ने कहा, ''आज हम आपको पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आत्मसमर्पण और समझौते की कहानी संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे, जिन्हें कांग्रेस सर्वकालिक सर्वाधिक शक्तिशाली नेता मानती है।''
इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान कांग्रेस पर सीआईए और केजीबी से धन प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए, त्रिवेदी ने दावा किया कि केजीबी के प्रत्यक्ष प्रभाव में, भारतीय रुपये की विनिमय दर रूबल के मुकाबले 8.33 से बढ़ाकर 10 कर दी गई ताकि सोवियत संघ से अधिक से अधिक आयात किया जा सके, जिसकी कीमत भारत की जनता को चुकानी पड़ी।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने कुछ पुस्तकों के उद्धरणों का हवाला देते हुए कहा कि जब पाकिस्तान अपने परमाणु परीक्षण करने की तैयारी कर रहा था, तब उसके कहूटा रिएक्टर को नष्ट करने का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन इजराइल द्वारा इस अभियान में सहायता करने की पेशकश किए जाने के बावजूद इंदिरा गांधी ने इस योजना पर आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।
त्रिवेदी ने कहा, ''मुझे लगता है कि बाएं हाथ के स्पिनर, जो कांग्रेस और राहुल गांधी को गुगली फेंक रहे हैं, उन्हें 'आउट' करने के बाद ही चैन से बैठेंगे। वे बची-खुची इज्जत भी छीन लेंगे।''
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं कांग्रेस से कहना चाहूंगा कि अगर आपको याद होगा, तो आपको सबकुछ याद आ जाएगा। अतीत की हर किताब सामने आ जाएगी।''
कांग्रेस भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोल रही है, तथा इसे राष्ट्रीय हित का ''पूर्ण समर्पण'' एवं ''विश्वासघात'' बता रही है।
भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि उसके शासनकाल के दौरान विदेशी प्रभाव के तहत राष्ट्रीय हित और सुरक्षा से समझौता किया गया था।
बृहस्पतिवार को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनका परिवार ''पूरी तरह से समझौता कर चुका है'', और मांग की कि पार्टी देश को बताए कि जवाहरलाल नेहरू ने भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय क्षेत्रों को चीन तथा पाकिस्तान को ''उपहार'' में क्यों दिया था।
इस महीने की शुरुआत में, भारत और अमेरिका एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक ढांचे पर सहमत हुए, जिसके तहत वाशिंगटन शुल्क (टैरिफ) को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने और उसे लागू करने के लिए, पहले ढांचे को कानूनी दस्तावेज में परिवर्तित करना होगा।
भाषा
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