भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होंगे: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
माधव
- 20 Feb 2026, 09:20 PM
- Updated: 09:20 PM
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को दावा किया कि नयी दिल्ली ने मॉस्को से तेल खरीदने के संबंध में वाशिंगटन के समक्ष प्रतिबद्धता जताई है।
उन्होंने संकेत दिया कि भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने को लेकर अमेरिका उसके साथ 'सक्रिय बातचीत' कर रहा है।
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ''बहुत जल्द'' हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने ये टिप्पणियां अगले सप्ताह वाशिंगटन की भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से पहले की गई हैं।
अमेरिकी राजदूत ने नयी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट-2026 से इतर संवाददाताओं से बातचीत में घोषणा की कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले कुछ महीनों में भारत की यात्रा करेंगे और यह यात्रा 'क्वाड' ढांचे के तहत होने वाली गतिविधियों सहित कई पहलों पर चर्चा करने का अवसर होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ फोन कॉल पर हुई बातचीत के बाद भारत के साथ व्यापार समझौते की व्यापक रूपरेखा की घोषणा करने की थी। साथ ही अमेरिका ने दावा किया कि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है।
अमेरिका के दावे के जवाब में, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर कई स्रोतों से कच्चे तेल की खरीद करेगा और आपूर्ति शृंखला में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उनमें विविधता लाएगा।
गोर ने कहा, ''तेल के मुद्दे पर समझौता हो चुका है। मैं ज्यादा जानकारी लीक नहीं करना चाहता, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच निजी बातचीत हुई है। हमने देखा है कि भारत ने तेल खरीद के स्रोत में विविधता लाई है। इस संबंध में प्रतिबद्धता है।''
उन्होंने कहा, ''यह भारत के बारे में नहीं है। अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी रूस को खरीद ले। राष्ट्रपति इस बारे में बहुत स्पष्ट हैं - वे इस युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं। इसलिए जो कोई भी किसी न किसी रूप में अब भी उस संघर्ष में शामिल है, राष्ट्रपति चाहते हैं कि वह बंद हो जाए, ताकि शांति स्थापित हो सके।''
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब गोर की टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर मिसरी के बयान का हवाला दिया।
अमेरिकी राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि वाशिंगटन वेनेजुएला से तेल की संभावित खरीद को लेकर नई दिल्ली के साथ सक्रिय बातचीत कर रहा है।
उन्होंने कहा, ''इस संबंध में कुछ पहलुओं की घोषणा अभी तक नहीं की गई है, लेकिन सक्रिय बातचीत चल रही है, (अमेरिकी) ऊर्जा विभाग यहां के ऊर्जा मंत्रालय से बात कर रहा है और इसलिए हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस बारे में जल्द ही कुछ खबर मिलेगी।''
गोर ने कहा कि भारतीय और अमेरिकी अधिकारी व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर बहुत जल्द हो जाएंगे। इसी सप्ताह दोनों देशों की टीम आपस में बातचीत कर रही हैं और सक्रिय रूप से ऐसी स्थिति की ओर बढ़ रही हैं जहां दोनों पक्ष हस्ताक्षर करने में सक्षम होंगे।''
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि हमें बेहद खुशी है कि अंतरिम समझौता हो गया है। कुछ मामूली सुधार बाकी हैं, लेकिन समझौता पूरा हो चुका है। इसलिए जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते में ''हजारों बिंदु'' शामिल हैं क्योंकि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के साथ बातचीत कर रहा है।
भारतीय वस्तुओं पर से अमेरिकी शुल्क हटाने के बारे में गोर ने कहा कि इस प्रक्रिया में कई उपप्रक्रियाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ''यह प्रक्रिया चल रही है। तेल से संबंधित कार्यकारी आदेश पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं... इसके दूसरे भाग में शुल्क को संतुलित करने से संबंधित कई पहलू शामिल हैं।''
गोर ने कहा, ''यह सिर्फ एक कागज़ का टुकड़ा नहीं है। इसमें कई पहलू, कई विभाग, कई क्षेत्र शामिल हैं। वह भी बहुत जल्द पूरा हो जाएंगे।''
ट्रंप की भारत यात्रा की संभावना के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गोर ने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति को भारत दौरे का न्योता दिया है।
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि ट्रंप प्रशासन 'क्वाड' (अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया का संगठन) के प्रति प्रतिबद्ध है।
भाषा धीरज माधव
माधव
2002 2120 दिल्ली