दिल्ली में ईएमआई मॉडल पर होगा स्मार्ट स्ट्रीटलाइट आधुनिकीकरण परियोजना का क्रियान्वयन
प्रशांत
- 16 Jun 2026, 10:17 PM
- Updated: 10:17 PM
नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) दिल्ली सरकार पहली बार एक बड़ी स्ट्रीटलाइट आधुनिकीकरण परियोजना के लिए ईएमआई (समायोजित मासिक किस्त) भुगतान मॉडल लागू करेगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर लगभग 93,000 स्ट्रीटलाइट को आधुनिक बनाने की सरकार की योजना से बिजली की खपत में कमी आएगी और अगले पांच वर्षों में करीब 300 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।
सिंह ने कहा, ''पहली बार हम ऐसी परियोजना पर काम कर रहे हैं, जिसमें स्ट्रीटलाइटों के प्रदर्शन के आधार पर मासिक किस्तों (ईएमआई) में भुगतान किया जाएगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से नयी स्मार्ट स्ट्रीटलाइटों के सुचारु संचालन और बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।''
करीब 473.24 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को पीडब्ल्यूडी के अधीन आने वाली सड़कों पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ''परियोजना के तहत सभी एचपीएसवी (हाई प्रेशर सोडियम वेपर) लाइटों और पुरानी एलईडी लाइटों को स्मार्ट एलईडी से बदला जाएगा। भविष्य की जरूरतों तथा वर्तमान में अंधेरे वाले हिस्सों को रोशन करने के लिए 5,000 अतिरिक्त खंभे लगाने का भी प्रावधान किया गया है।''
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बताया कि सभी स्ट्रीटलाइटों की स्थिति की वास्तविक समय में निगरानी के लिए एक नियंत्रण एवं कमान केंद्र स्थापित किया जाएगा। परियोजना में ऐसी स्ट्रीटलाइटें लगाने की भी परिकल्पना की गई है, जिनकी रोशनी की तीव्रता नियंत्रित की जा सके और जिन्हें अलग-अलग संचालित किया जा सके ताकि मौसम की परिस्थितियों के अनुसार वास्तविक समय में उनका संचालन एवं नियंत्रण संभव हो।
परियोजना के विवरण के अनुसार, यह कमान केंद्र पीडब्ल्यूडी मुख्यालय स्थित एमएसओ भवन में स्थापित किया जाएगा। इसमें 75 इंच की स्क्रीन वाले दो कंप्यूटर और संबंधित सॉफ्टवेयर लगाए जाएंगे। ठेकेदार को भुगतान प्राप्त करने के लिए स्ट्रीटलाइटों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना होगा।
परियोजना के लिए निविदा जारी कर दी गई है और अगले पंद्रह दिनों के भीतर ठेका आवंटित कर दिया जाएगा।
वित्त विभाग के आकलन के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था की तुलना में इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
वर्तमान में पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 1,400 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क का रखरखाव करता है।
भाषा रवि कांत प्रशांत
प्रशांत
1606 2217 दिल्ली