केएएस अधिकारी को बदनाम करने के उद्देश्य से फर्जी ऑडियो अपलोड करने पर सामाजिक कार्यकर्ता गिरफ्तार
माधव
- 20 Feb 2026, 08:57 PM
- Updated: 08:57 PM
बेंगलुरु, 20 फरवरी (भाषा) कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी ऑडियो क्लिप अपलोड करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मैसूरु निवासी कृष्णा को केंद्रीय अपराध शाखा ने हिरासत में ले लिया है।
यह कार्यकर्ता मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) के भूमि आवंटन मामले में शिकायतकर्ता था। भूमि आवंटन प्रकरण के आधार पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उनकी पत्नी पार्वती बी. एम., उनके भाई मल्लिकार्जुन स्वामी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
कृष्णा ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश और एमयूडीए के पूर्व आयुक्त एवं केएएस के वरिष्ठ अधिकारी डी. बी. नटेश के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था और जांच के लिए पूर्व अनुमति पहले ही दी जा चुकी थी।
कृष्णा ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने मैसूरु में भारी मात्रा में नकदी के लेन-देन का आरोप लगाया।
उन्होंने उस वाहन की एक तस्वीर भी साझा की, जिसका कथित तौर पर लेन-देन में इस्तेमाल किया गया था।
यहां जारी एक बयान में रजनीश के कार्यालय ने कहा कि कृष्णा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ई) के तहत दर्ज एक मामले का हवाला देते हुए नटेश की पदोन्नति पर आपत्ति जताई थी।
सरकार ने कहा, ''आपकी शिकायत में लगाए गए आरोप निराधार हैं।''
शिकायत के बाद, 18 फरवरी को बेंगलुरु शहर साइबर अपराध थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, कृष्णा ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता की तस्वीर का इस्तेमाल करके फर्जी दस्तावेज और एक ऑडियो क्लिप बनाए और उन्हें अपने फेसबुक पर अपलोड कर अधिकारी को बदनाम करने का अभियान चलाया।
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, "जांच के दौरान, शिकायतकर्ता और सोशल मीडिया मंच से सबूत जुटाए गए तथा फेसबुक पर अपलोड की गई ऑडियो क्लिप की जांच की गई।"
बयान में आगे कहा गया है कि अदालत द्वारा जारी तलाशी वारंट के बाद, पुलिस ने आरोपी के आवास पर तलाशी ली और संबंधित दस्तावेज जब्त किए।
पुलिस ने बताया कि कृष्णा को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है और उसे हिरासत में लेकर मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
एमयूडीए मामले में आरोप लगाया गया था कि सिद्दरमैया की पत्नी को मैसूरु के एक पॉश इलाके में मुआवजे के तौर पर जमीन आवंटित की गई थी, जिसका संपत्ति मूल्य एमयूडीए द्वारा अधिग्रहित उनकी जमीन से अधिक था।
भाषा यासिर माधव
माधव
2002 2057 बेंगलुरु