केंद्रीय मंत्रियों ने एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन को 'शर्मनाक' बताया
वैभव
- 20 Feb 2026, 08:43 PM
- Updated: 08:43 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने कांग्रेस की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं की ओर से शुक्रवार को 'एआई इंपैक्ट समिट' के दौरान किए गए विरोध-प्रदर्शन को "शर्मनाक" और वैश्विक मंच पर भारत की छवि को "धूमिल" करने वाला कृत्य करार दिया।
मंत्रियों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी हालिया व्यापार समझौतों के बारे में झूठ फैलाकर भारत के विकास को रोकना चाहते हैं। उन्होंने राहुल पर वैश्विक स्तर पर 140 करोड़ भारतीयों को शर्मिंदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
राजनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "जब पूरा विश्व भारत को नयी दिल्ली स्थित 'भारत मंडपम' में आयोजित 'एआई इंपैक्ट समिट' की मेजबानी करते हुए देख रहा था और तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में हमारे बढ़ते वैश्विक नेतृत्व का साक्षी बन रहा था, उस समय कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना।"
उन्होंने लिखा, "युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूं।"
राजनाथ ने कहा, "जब भी भारत वैश्विक मंच पर आगे बढ़ता है, कांग्रेस राष्ट्रहित के साथ खड़े होने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने को प्राथमिकता देती दिखाई देती है। दलगत राजनीति को देश की प्रतिष्ठा और सम्मान से ऊपर रखना बेहद दुखद है।"
उन्होंने कहा, "भारत की जनता अच्छी तरह से समझती है कि कौन भारत को सशक्त और समर्थ बनाने में जुटा है और कौन बार-बार भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है।"
भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को 'भारत मंडपम' के एक प्रदर्शनी हॉल में विरोध-प्रदर्शन किया, जहां 'एआई इंपैक्ट समिट' का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एआई शिखर सम्मेलन में विरोध-प्रदर्शन कर रहे करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस विरोध-प्रदर्शन ने कांग्रेस के "अहंकार और हताशा को उजागर कर दिया है।" उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को निशाना बनाने के लिए भारत को "अपमानित" करना ही "विरोध जताने का उनका तरीका" है।
गोयल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "एक तरफ जहां आप (राहुल गांधी) हालिया व्यापार समझौतों के बारे में झूठ फैलाकर भारत के विकास को रोकना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर आपके कार्यकर्ता प्रतिष्ठित एआई शिखर सम्मेलन में बिना कमीज के मार्च कर रहे हैं और वैश्विक स्तर पर 140 करोड़ भारतीयों को शर्मिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं।''
उन्होंने लिखा, "विरोध की यह रणनीति केवल भारत के लिए आपकी (राहुल गांधी) और आपकी पार्टी की दूरदर्शिता की कमी को उजागर करती है।"
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जहां पूरी दुनिया भारत के वैश्विक नेतृत्व, नवाचार और प्रौद्योगिकी संबंधी दृष्टिकोण की सराहना कर रही है, वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस एक बार फिर देश को शर्मिंदा करने की राजनीति में लिप्त हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर किए गए हंगामे, अराजकता और असंवेदनशीलता ने स्पष्ट रूप से दिखाया कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय हित नहीं, बल्कि पारिवारिक हित और राजनीतिक हित सबसे ऊपर हैं।
प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति अब महज व्यवधान और शर्मिंदगी तक सिमटकर रह गई है।
उन्होंने कहा, "आज जब दुनिया भारत की प्रगति की सराहना कर रही है, तब कांग्रेस अपने भारत-विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने में व्यस्त है, जिसमें सत्ता की भूख इतनी गहरी है कि उसे राष्ट्रीय सम्मान को दांव पर लगाने में भी कोई संकोच नहीं है।"
संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने 'एक्स' पर लिखा, "यह एक वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, भाजपा की चुनावी रैली नहीं! कांग्रेस पार्टी खुद 'राष्ट्रीय शर्म' बन गई है!"
उन्होंने कहा, "ऐसे समय में जब भारत प्रगति कर रहा है और खुद को वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है, कांग्रेस देश को शर्मिंदा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। यह राजनीतिक विरोध नहीं है, यह वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास है।"
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस विरोध-प्रदर्शन को "कांग्रेस की सरासर बेशर्मी" करार दिया।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने युवा कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन को "राष्ट्रीय शर्म" का विषय बताया।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने के अपने प्रयासों को लगातार जारी रखे हुए है। यह हमारे युवाओं और तकनीकी नवप्रवर्तकों का घोर अपमान है, जो वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन में भारत की प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।"
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विरोध-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए 'एक्स' पर लिखा, "विनाशकाले विपरीत बुद्धि।"
पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भी विरोध-प्रदर्शन को लेकर राहुल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "कम अक्ल वाले अपरिपक्व" कांग्रेस नेता के समर्थकों को शिखर सम्मेलन में अपनी कमीजें उतारकर मार्च करते देखना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।
शेखावत ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "याद रखिए, जब उनके कम अक्ल वाले अपरिपक्व नेता राहुल गांधी एक शव के सामने हंसते हैं और सार्वजनिक रूप से अपने ही पार्टी के अध्यक्ष की पीठ पर नाक पोंछते हैं, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि उनके समर्थक एआई शिखर सम्मेलन में अपनी कमीजें उतारकर अश्लील तरीके से मार्च करते हैं।"
उन्होंने लिखा, "नेतृत्व मानक तय करता है और यह वही चीज है, जिस पर कार्यकर्ता अमल करते हैं।"
भाषा पारुल वैभव
वैभव
2002 2043 दिल्ली