जीवंत ग्राम कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन और घुसपैठ को रोकने में मदद करेगा: अमित शाह
पवनेश
- 20 Feb 2026, 08:22 PM
- Updated: 08:22 PM
(फोटो के साथ)
नाथनपुर (असम), 20 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के कछार जिले से देशभर में 'जीवंत ग्राम कार्यक्रम' के दूसरे चरण की शुरुआत की और कहा कि यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन और घुसपैठ को रोकने में मदद करेगी।
शाह ने कांग्रेस पर अपने शासनकाल में देश की सीमाएं खुली छोड़ने का आरोप लगाया, जिसके कारण असम में घुसपैठ हुई।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने घुसपैठ की समस्या का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य में अपने शासनकाल के दौरान कोई विकास कार्यक्रम शुरू नहीं किया, लेकिन ''अब प्रतिदिन 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है, जो देश में सबसे अधिक है''।
शाह ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि देश के सीमावर्ती गांवों का विकास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जीवंत ग्राम कार्यक्रम (वीवीपी) के दूसरे चरण में पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा से लगे 17 राज्यों के 334 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले 1,954 गांवों को शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि वीवीपी के दूसरे चरण में अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गांवों को शामिल किया जायेगा।
शाह ने कहा, ''इस कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों से पलायन रोकना और इन अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के जरिये घुसपैठ को रोकना है।''
उन्होंने कहा कि पहले सीमावर्ती क्षेत्रों को अंतिम गांव माना जाता था और ये ''न केवल स्थान के लिहाज से अंतिम थे, बल्कि विकास, रोजगार, शिक्षा, बिजली कनेक्शन, सड़क और टेलीफोन संपर्क के लिहाज से भी पिछड़े हुए थे''।
गृह मंत्री ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने ही यह निर्णय लिया था कि सभी सीमावर्ती गांवों का विकास किया जाना चाहिए और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी आजीविका को बढ़ावा देने के लिए सभी सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।''
उन्होंने कहा कि 6,900 करोड़ रुपये की राष्ट्रव्यापी योजना (वीवीपी-द्वितीय) में असम के नौ जिलों के 26 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले 140 गांवों को भी शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कहा, ''असम के सभी 140 गांवों को देश के बाकी हिस्सों के समान सुविधाएं मिलेंगी।''
शाह ने कहा कि सुरक्षा, योजना के व्यापक प्रसार और कनेक्टिविटी से संबंधित कई योजनाएं इस कार्यक्रम में शामिल की गई हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने असम के लिए एक लाभकारी औद्योगिक नीति शुरू की है, और वीवीपी-द्वितीय इसका एक महत्वपूर्ण घटक है।
वीवीपी-द्वितीय का उद्देश्य आवश्यक बुनियादी ढांचे में सुधार करना, बुनियादी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना है, जिससे 'विकसित भारत' 2047 की परिकल्पना के अनुरूप सुरक्षित, लचीले और समृद्ध सीमावर्ती समुदायों को बढ़ावा मिल सके।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन गांवों को मजबूत करके, कार्यक्रम निवासियों को राष्ट्र की आंख और कान के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाता है, जिससे सीमा सुरक्षा, सीमा पार अपराधों की रोकथाम और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
शाह ने कहा, "कांग्रेस ने देश की सीमाएं खुली छोड़ दीं, जिसके कारण असम में घुसपैठ हुई। पार्टी ने राज्य में अपने शासनकाल के दौरान कोई विकास कार्यक्रम शुरू नहीं किया।"
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने घुसपैठ की समस्या का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि असम सरकार ने राज्य में घुसपैठ, हिंसा और उग्रवाद को रोक दिया है।
उन्होंने कहा कि जब असम में भाजपा सत्ता में आई, तब वहां बहुआयामी गरीबी दर 37 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 14 प्रतिशत रह गई।
उन्होंने कहा कि असम की प्रति व्यक्ति आय, जो 2013-14 में 49,000 रुपये थी, 2024-25 में लगभग तीन गुना बढ़कर 1,54,000 रुपये हो गई है, और यह परिवर्तन लोगों के बीच बढ़े हुए आत्मविश्वास के कारण संभव हुआ है।
शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस ने 2004 से 2014 तक असम के लिए केवल 1.28 लाख करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने पिछले 10 वर्षों में राज्य के विकास के लिए 15 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।''
उन्होंने कहा, ''राज्य के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने ही सड़कों के लिए 30,000 करोड़ रुपये, रेलवे के लिए 95,000 करोड़ रुपये और हवाई अड्डों के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।''
शाह ने दावा किया कि असम में शांति और सुशासन के कारण विकास हुआ है, और आने वाले कुछ वर्षों में इसे एक विकसित राज्य माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में, राज्य स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र बन गया है, और असम में 27,000 करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर उद्योग भी स्थापित हो गया है।
उन्होंने कहा, ''भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में असम को सुरक्षित और विकसित बनाया है, और अगले पांच वर्षों में वह राज्य को बाढ़ मुक्त बना देगी।''
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश
2002 2022 नाथनपुर (असम)