भाजपा ने कर्नाटक में 2028 में सत्ता में वापसी का संकल्प लिया, बैठक में कांग्रेस पर हमला बोला
माधव
- 19 Feb 2026, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
(तस्वीरों के साथ)
बेंगलुरु, 19 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और 2028 के राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सत्ता में वापसी का विश्वास जताया।
कर्नाटक में विपक्षी पार्टी ने यहां पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित अपनी राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में चार प्रस्ताव भी पारित किए। इनमें राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, सरकारी निधियों का दुरुपयोग, मादक पदार्थ से जुड़ा बढ़ता खतरा, कृषि समस्या और बेंगलुरु में कचरा संकट जैसे मुद्दे शामिल हैं।
पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (वीबी-जी राम जी) लागू करने के लिए केंद्र सरकार की सराहना की।
कार्यकारी समिति ने 'वंदे मातरम्' गीत को सम्मान देने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने राज्य में 'शून्य विकास' का आरोप लगाया और सत्ताधारी पार्टी के भीतर मतभेद का दावा किया।
विजयेंद्र ने कहा, ''हमें कर्नाटक में भाजपा की पुरानी शान को बहाल करने के लिए दिन-रात काम करना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि सत्ताधारी दल के विधायक भी सरकार के खिलाफ विद्रोह कर सकते हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के शासन में राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। उन्होंने सूरतकल और येल्लापुर में हुई हत्याओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि येल्लापुर में एक दलित महिला और कोप्पल में एक दलित पुरुष के परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मैसुरु मादक पदार्थों का अड्डा बन गया है। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में दशहरा के दौरान 10 वर्षीय बच्ची से बलात्कार और हत्या की घटना हुई।
विजयेंद्र ने पार्टी कार्यकर्ताओं से स्थानीय निकाय चुनाव, जीबीए चुनाव और विधानसभा उपचुनाव सहित आगामी चुनावों की श्रृंखला के लिए कमर कसने का आग्रह किया और कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए जमीनी स्तर पर लामबंदी का आह्वान किया।
बैठक का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ''यह केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं बल्कि आत्मनिरीक्षण की बैठक है।'' उन्होंने इसे संगठन को मजबूत करने और भ्रष्ट सरकार को सत्ता से हटाने के संकल्प के लिए एक सभा बताया।
पार्टी की संभावनाओं के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा 2028 में कर्नाटक में भारी बहुमत से सरकार बनाएगी।
उन्होंने आपातकाल के लिए कांग्रेस की आलोचना की और आरोप लगाया कि राज्य 'भ्रष्ट और आर्थिक रूप से दिवालिया' हो गया है। उन्होंने एमयूडीए सहित कई घोटालों का जिक्र किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर शुरू से ही पार्टी में आंतरिक कलह चल रही थी और सार्वजनिक ऋण में भारी वृद्धि हुई थी।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत निश्चित है। अग्रवाल ने राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के कथित प्रयासों पर आपत्ति जताई।
उन्होंने सरकार पर अनुसूचित जातियों के मुकाबले अल्पसंख्यकों को तरजीह देने का आरोप लगाया और इसे 'भ्रष्ट सरकार' करार दिया।
सक्रिय राजनीति में 50 वर्ष पूरे करने पर सम्मानित किए गए पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे भाजपा को 'अपने दम पर' सत्ता में वापस लाने और 'भ्रष्ट कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने' का संकल्प लें।
पूर्व मुख्यमंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने कहा कि येदियुरप्पा ही थे जिन्होंने दक्षिण भारत में पहली बार कर्नाटक में भाजपा को सत्ता में लाया और पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, शोभा करंदलाजे और वी सोमन्ना सहित कई वरिष्ठ नेता और राज्य के अन्य नेता बैठक में उपस्थित थे।
भाषा संतोष माधव
माधव
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