प्रधानमंत्री मोदी ने यूनान, स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड के शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें कीं
वैभव
- 19 Feb 2026, 11:04 PM
- Updated: 11:04 PM
नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को यूनान, स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
इन बैठकों में व्यापार और निवेश के साथ-साथ सेमीकंडक्टर सहित महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मोदी ने 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान ये बैठकें कीं।
प्रधानमंत्री ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की और इस दौरान कृत्रिम मेधा (एआई), सुपरकंप्यूटर और डेटा सेंटर जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, "दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व की पुष्टि की, जो मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक और ऊर्जा पर आधारित है।"
विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों नेताओं ने रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा एवं सांस्कृतिक सहयोग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में हासिल की गई 'असाधारण प्रगति' को स्वीकार किया।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मोदी व अल नाहयान ने दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण निवेश प्रवाह की सराहना की और संयुक्त अरब अमीरात के संप्रभु धन कोषों को भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
बयान में बताया गया, "उन्होंने (मोदी व अल नाहयान) अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की।"
मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति जी. पार्मेलिन के बीच हुई बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार व निवेश, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, नवाचार, कौशल विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय ने बताया, "दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने और हाल में संपन्न हुए ऐतिहासिक भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के कार्यान्वयन से मिले सकारात्मक नतीजों पर जोर दिया।"
मंत्रालय के मुताबिक, "बैठक का समापन भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साझा दृष्टिकोण के साथ हुआ।"
मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ ने जल, कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, रक्षा एवं सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत-नीदरलैंड साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
विदेश मंत्रालय ने बताया, "वे (मोदी और शूफ) इस बात पर सहमत हुए कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की ऐतिहासिक वार्ता के सफल समापन ने दोनों देशों के बीच व्यापार व आर्थिक साझेदारी की पूरी क्षमता का एहसास करने का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया है।"
मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
मोदी और यूनान के प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस ने बैठक में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की तथा कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया, "उन्होंने (मोदी और मित्सोटाकिस) क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के अलावा नए रुचिकर क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की।"
मंत्रालय ने बयान में बताया, "दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि हाल ही में हुए दोनों देशों के आला अधिकारियों के दौरों ने रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी और हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए द्वार खोलेगा।"
भाषा जितेंद्र वैभव
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