ओडिशा विधानसभा का दूसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ा, धान खरीद मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
माधव
- 18 Feb 2026, 09:48 PM
- Updated: 09:48 PM
भुवनेश्वर, 18 फरवरी (भाषा) ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन बुधवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब बीजू जनता दल (बीजद) तथा कांग्रेस के विधायकों ने धान खरीद में कथित कुप्रबंधन को लेकर हंगामा किया।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढी ने पहले सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित की और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजद सदस्य तख्तियां लेकर आसन के निकट आकर नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान देवगढ़ से बीजद विधायक रोमंचा रंजन विश्वाल किसान के वेश में सदन आए। इसके बाद कांग्रेस विधायक भी प्रदर्शन में शामिल हो गए और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को "किसान विरोधी" बताया।
विधानसभा अध्यक्ष की बार-बार अपील के बावजूद सदस्य अपनी सीटों पर नहीं लौटे, जिसके कारण कार्यवाही पहले पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट तक और फिर चार बजे तक स्थगित करनी पड़ी। लगातार हंगामे के कारण पूरा दिन सदन महज पांच मिनट ही चल सका।
सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों से धान नहीं खरीद रही, जिससे उन्हें मजबूरी में कम दाम पर बिक्री करनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान तक विरोध जारी रहेगा।
बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा कि उनकी पार्टी कई मंचों पर सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित कर चुकी है और मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा गया है।
उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सदन में यह घोषणा करें कि सरकार किसानों से पूरा अधिशेष धान खरीदेगी और उचित मूल्य देगी, तो वे आंदोलन वापस लेने को तैयार हैं।
बीजद विधायक व्योमकेश रे ने कहा कि सरकार ने खरीद की सीमा 150 क्विंटल तय कर दी है, जबकि खाद्य एवं धान खरीद नीति में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने सवाल किया कि बंपर पैदावार होने पर किसान क्या करेंगे।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने प्रश्नकाल बाधित करने के लिए विपक्ष की आलोचना की।
भाजपा विधायक बाबू सिंह ने कहा कि प्रश्नकाल राज्य के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और विपक्ष को हंगामा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि राज्यभर में धान खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री केसी पात्रा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सदन को बताया कि पात्र पंजीकृत किसानों से अधिशेष धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य और लागत सहायता शामिल है।
भाषा खारी माधव
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