राज्यसभा चुनाव: बंगाल की पांच में से चार सीट पर तृणमूल के जीतने की संभावना
वैभव
- 18 Feb 2026, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
कोलकाता, 18 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस विधानसभा में अपने संख्या बल के आधार पर द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव में राज्य की पांच में से चार सीट पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि विपक्षी भाजपा को एक सीट मिलने की संभावना है।
राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के तहत 10 राज्यों में कुल 37 सीट के लिए 16 मार्च को मतदान होगा और मतगणना भी उसी दिन होगी।
इन चुनावों के तहत पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा की पांच सीट पर मतदान होगा।
राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा समीकरण को देखते हुए, परिणाम काफी हद तक पूर्वनिर्धारित प्रतीत होता है, बशर्ते कि कोई पार्टी अतिरिक्त उम्मीदवार खड़ा न कर दे।
तृणमूल कांग्रेस के 218 विधायक हैं और बिना इस्तीफा दिये दलबदल करने वाले कई विपक्षी विधायकों के समर्थन से तृणमूल कांग्रेस यदि प्रति उम्मीदवार आवश्यक मत प्राप्त कर लेती है तो वह संसद के उच्च सदन में चार सदस्य भेजने की स्थिति में आ जाएगी।
वर्तमान में भाजपा के 65 विधायक हैं। हालांकि, पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीट पर जीत हासिल की थी लेकिन इस्तीफे, दलबदल, मृत्यु और उपचुनावों में मिली हार के कारण यह संख्या घटकर अब 65 रह गई है। हालांकि, वह राज्यसभा की एक सीट जीतने के प्रति आश्वस्त नजर आ रही है।
तृणमूल कांग्रेस सांसदों सुब्रत बख्शी, ऋताब्रता बनर्जी और साकेत गोखले तथा माकपा नेता बिकास रंजन भट्टाचार्य के कार्यकाल की समाप्ति के अलावा मौसम बेनजीर नूर के इस्तीफे और बाद में कांग्रेस में शामिल होने के कारण कुल पांच सीट रिक्त हुई हैं।
भट्टाचार्य का कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हुई सीट फिर से हासिल करने के लिए वाम मोर्चा के पास पर्याप्त संख्या नहीं है, इसलिए यह सीट भाजपा के खाते में जाने की पूरी संभावना है।
ये चुनाव इसलिए मायने रखते हैं कि 1952 के बाद पहली बार, वामपंथी दल का राज्यसभा में पश्चिम बंगाल से कोई प्रतिनिधित्व नहीं रहने वाला, जबकि वाम दलों ने 2011 तक, राज्य में लगातार तीन दशकों तक शासन किया था।
इस घटनाक्रम से वाम मोर्चे के पतन की झलक मिलती है, जिसने कभी राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर अपना दबदबा बनाए रखा था।
माकपा नीत वाम मोर्चे का वर्तमान में पश्चिम बंगाल से लोकसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है और न ही बंगाल विधानसभा में कोई प्रतिनिधित्व है।
वर्तमान में, बंगाल से कांग्रेस का उच्च सदन में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, क्योंकि राज्य विधानसभा में पार्टी का एक भी विधायक नहीं है।
उम्मीदवारों के चयन पर सबकी नजर है। तृणमूल ने अपने उम्मीदवारों के बारे में चुप्पी साध रखी है, जिससे अनुभवी नेताओं और नये चेहरों के संभावित संयोजन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
पार्टी के कुछ मौजूदा सदस्यों, जिनमें तृणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बख्शी भी शामिल हैं, के दोबारा चुने जाने की संभावना है।
भाजपा खेमे में जिन नामों की चर्चा हो रही है उनमें पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी और अभिनेता-नेता मिथुन चक्रवर्ती शामिल हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव आगामी विधानसभा चुनावों से पहले होंगे, जिसका कार्यक्रम लगभग उसी समय घोषित किया जा सकता है।
भाषा सुभाष वैभव
वैभव
1802 2020 कोलकाता