अनुमत सीमा से ज्यादा बड़े आकार के चाकू बेचने के आरोप में 'ब्लिंकिट के खिलाफ मामला दर्ज
सुरेश
- 18 Feb 2026, 09:44 PM
- Updated: 09:44 PM
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी 'ब्लिंकिट' के खिलाफ सरकारी मानकों का उल्लंघन करने वाले चाकू बेचने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह मुकदमा उस वक्त दर्ज किया गया जब अपराधों में शामिल आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चाकूओं को ऑनलाइन खरीदा था। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस जब ऑनलाइन मंचों की चाकुओं की तलाश कर रही थी तब उसे इस तरह के चाकू 'ब्लिंकिट' पर बिक्री के लिए सूचीबद्ध मिले।
नियमों के अनुसार, चाकू के ब्लेड की अधिकतम अनुमत लंबाई 7.62 सेंटीमीटर तथा चौड़ाई 1.72 सेंटीमीटर है और इससे अधिक आकार के चाकू प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं।
पुलिस ने बताया कि यह मामला कुछ ऐसे प्रकरणों की जांच के दौरान सामने आया, जिनमें शामिल लोगों ने ऑनलाइन मंच के माध्यम से चाकू खरीदे थे।
इस मामले पर 'ब्लिंकिट' की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दराडे शरद भास्कर ने कहा, ''फरवरी को शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जब यह पाया गया कि ऑनलाइन बेचे जा रहे कुछ चाकू सरकार द्वारा निर्धारित ब्लेड की लंबाई और विनिर्देशों से संबंधित अधिसूचनाओं का उल्लंघन कर रहे थे।''
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ई-कॉमर्स कंपनी ऐप के जरिये 'स्टैनली नाइफ' (बहु उपयोगी चाकू) को खरीदा जा सकता है। सत्यापन प्रक्रिया के तहत पुलिस ने ऑर्डर दिया और चाकू मिलने के बाद इसकी जांच की।
पुलिस ने बताया कि चाकू अनुमत आकार से बड़ा था। चाकू की लंबाई आठ सेंटीमीटर और चौड़ाई 2.5 सेंटीमीटर थी, जो इसे कानून के तहत एक अवैध हथियार बनाती है।
इसके बाद मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। पंद्रह फरवरी को कई पुलिस टीम ने दिल्ली भर में कंपनी से जुड़े कई स्टोर में तलाशी ली और 16 अवैध चाकू बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि 16 फरवरी को अभियान का विस्तार करते हुए गुरुग्राम के फर्रुखनगर स्थित एक गोदाम की तलाशी ली गई, जहां से 32 और अवैध चाकू बरामद किए गए और इस तरह कुल 48 चाकुओं की बरामदगी हुई।
पुलिस प्रतिबंधित वस्तुओं की आपूर्ति शृंखला, खरीद के स्रोतों और उनके भंडारण एवं वितरण के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के तहत संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी किए जा सकते हैं।
पुलिस ने कहा कि वे विभिन्न ऑनलाइन मंचों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं और उनसे सरकारी अधिसूचनाओं का उल्लंघन करने वाले उत्पादों को अपनी सूची से हटाने का आग्रह किया है।
भाषा नोमान नोमान सुरेश
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