मुंबई निकाय चुनाव के बाद राज ठाकरे और शिंदे पहली बार मिले
माधव
- 18 Feb 2026, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
मुंबई, 18 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को यहां महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक पदाधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
राज ठाकरे की मनसे ने 15 जनवरी को हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के साथ चुनाव लड़ा था।
निकाय चुनाव में शिवसेना (उबाठा) को 65 सीटें मिलीं, जबकि मनसे को छह सीटें ही प्राप्त हुईं, जिससे वह 227 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह गई। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतकर बहुमत के 114 के आंकड़े को आसानी से पार कर लिया।
मनसे नेता ने उपमुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'नंदनवन' में शिंदे से मुलाकात की।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब मनसे के कुछ नेताओं ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना (उबाठा) से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है।
राज ठाकरे की पार्टी ने यह भी मांग की है कि शिवसेना (उबाठा) बीएमसी में अपने कोटे से मनसे के एक पार्षद को मनोनीत करे। हालांकि, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शिवसेना (उबाठा) शिंदे को अपना कट्टर प्रतिद्वंद्वी मानती है। राज और उद्धव के बीच गठबंधन की बातचीत शुरू होने से पहले, उद्धव की पार्टी ने खुले तौर पर कहा था कि मनसे अध्यक्ष को शिंदे या भाजपा से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं रखना चाहिए।
शिंदे ने 'इंस्टाग्राम' पर एक पोस्ट में कहा, "महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने आज आधिकारिक आवास नंदनवन का दौरा किया। इस दौरान कई विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने नंदनवन बंगले की अनूठी विरासत को संरक्षित रखते हुए किए गए सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने बंगले में रखी मुंबई की पुरानी धरोहर इमारतों की तस्वीरों को ध्यान से देखा और पुराने मुंबई की यादें ताजा कीं।"
मुंबई की पूर्व महापौर और शिवसेना (उबाठा) नेता किशोरी पेडनेकर ने कहा, "इस मुलाकात से कोई खास निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। राज ठाकरे को उपमुख्यमंत्री से कुछ काम हो सकता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।"
पिछले महीने बीएमसी के चुनाव में ठाकरे परिवार के चचेरे भाई राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे करीब दो दशक बाद एक मंच पर नजर आए थे, लेकिन नतीजों से उनकी उम्मीदों को झटका लगा।
बीएमसी की सत्ता पर लंबे समय से कायम ठाकरे परिवार के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना का लगभग तीन दशक पुराना वर्चस्व इस बार समाप्त हो गया और भारतीय जनता पार्टी ने बीएमसी पर कब्जा कर लिया।
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