शाह ने छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण किया, कहा- उनकी विरासत लोगों को प्रेरित करेगी
माधव
- 17 Feb 2026, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
गांधीनगर, 17 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गांधीनगर में छत्रपति शिवाजी महाराज की लगभग 21 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया और कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों तक नागरिकों, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करेगी।
शाह ने इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर में विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान शिवाजी महाराज की परिकल्पना को साकार किया।
उन्होंने कहा, ''हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा यहां स्थापित की जा रही है। लगभग 21 फुट ऊंची यह प्रतिमा आने वाले कई वर्षों तक गांधीनगर के नागरिकों, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करती रहेगी।''
उन्होंने कहा कि अयोध्या में अभिषेक के दौरान मोदी ने शिवाजी महाराज की परिकल्पना को साकार किया।
उन्होंने कहा, ''शिवाजी महाराज ने यह संदेश दिया कि सनातन धर्म को मंदिरों को तोड़कर समाप्त नहीं किया जा सकता। विध्वंसकारी शक्तियां मंदिरों को तोड़ सकती हैं, लेकिन हम उन्हें फिर से स्थापित करते रहेंगे और देश 'स्वराज' प्राप्त करेगा।''
शाह ने आगे कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना के समय शिवाजी महाराज के सपने को साकार किया।''
उन्होंने बताया कि मुगल साम्राज्य द्वारा उनके संकल्प को तोड़ने के बार-बार किये गये प्रयासों के बावजूद, शिवाजी महाराज कभी नहीं झुके।
मथुरा में अतीत में हुए मंदिर विध्वंस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य प्रतिरोध की भावना को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए थे।
शाह ने कहा कि इसके उलट, शिवाजी महाराज ने दक्षिण में मंदिरों की रक्षा की और सप्तकोटेश्वर मंदिर जैसे पवित्र स्थलों का जीर्णोद्धार किया।
गृह मंत्री ने शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित शक्तिशाली नौसेना पर भी प्रकाश डाला और इसे भारत की पहली नौसेना बताया।
उन्होंने कहा, ''आज प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नौसेना के ध्वज पर से औपनिवेशिक काल का निशान हटाकर उसकी जगह शिवाजी महाराज की राजमुद्रा स्थापित की है, जिससे गुलामी का अंतिम प्रतीक भी समाप्त हो गया है।''
शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कवि भट्ट ने कल्पना की थी कि एक दिन भारत विश्व के सामने गौरव से जगमगाएगा। उन्होंने कहा, ''आज वह कल्पना साकार हो रही है।''
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गुजराती कवि जावेरचंद मेघानी ने बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए शिवाजी महाराज पर कविताएं लिखीं।
शाह ने आगे कहा, ''आज भी माता-पिता शिवाजी की कहानियां सुनाते हैं, ताकि उनके बच्चे राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध होकर बड़े हों।''
गृह मंत्री के अनुसार, शिवाजी महाराज ने फारसी और उर्दू प्रशासनिक शब्दों को मराठी और संस्कृत से प्रतिस्थापित करके भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने का काम किया।
उन्होंने यह भी कहा, ''शिवाजी महाराज ने अपना पूरा जीवन 'स्वराज, स्वधर्म और स्वभाषा' के लिए समर्पित कर दिया। उनकी मृत्यु के सौ वर्षों के भीतर ही उनकी विरासत पूरे भारत में फैल गई। आज भारत शिवाजी महाराज के मूल्यों का अनुसरण कर रहा है और विश्व के समक्ष भारत माता की एक उज्ज्वल छवि प्रस्तुत कर रहा है।''
शाह ने कहा कि राष्ट्र शिवाजी महाराज द्वारा दिखाए गए मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा।
भाषा
सुरेश माधव
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