भारी भीड़, लंबी कतारों के बीच 'भारत मंडपम' में एआई सम्मेलन का आगाज
अजय
- 16 Feb 2026, 05:46 PM
- Updated: 05:46 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) दुनिया का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन सोमवार को भारी भीड़ और लंबी कतारों के बीच यहां 'भारत मंडपम' शुरू हुआ।
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता, संस्थापक और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
राष्ट्रीय राजधानी में सम्मेलन के प्रतिनिधियों, वक्ताओं और मेहमानों के स्वागत के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं।
सम्मेलन के सुबह साढ़े नौ बजे से काफी पहले ही भारत मंडपम के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जो इस विषय और सम्मेलन में लोगों की गहरी रुचि को दर्शाता है।
वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दारियो अमोडेई के सत्र बुधवार से पहले शुरू नहीं होंगे।
शिखर सम्मेलन के अंतिम दो दिन 19 और 20 फरवरी को दुनिया के 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख हिस्सा लेंगे।
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा शामिल होंगे।
पीटीआई के संवाददाताओं की टीम ने मौके पर देखा कि विभिन्न सत्रों के लिए हॉल के बाहर लंबी कतारें लगी हुई थीं। हालांकि, कुछ व्यवस्थागत समस्याएं थीं, लेकिन सम्मेलन व्यवस्थित और अच्छी तरह से आयोजित किया गया है।
साथ ही, कई समानांतर सत्र एक ही समय में हो रहे हैं जिसके कारण सभी हॉल पूरी तरह भर चुके हैं।
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में 3,250 से अधिक वक्ता और 500 से अधिक सत्र होंगे।
एक उत्साही प्रतिभागी ने कहा, "सत्र पूरी तरह भरे हुए हैं। लंबी कतारें लगी हैं और जैसे ही हॉल भर जाते हैं, दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं, जिससे बाहर इंतजार कर रहे लोगों को परेशानी होती है। किसी सत्र से दूसरे सत्र में ऐसे आसानी से नहीं जा सकते, आपको पहले से ही पहुंचना होता है।"
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि वक्ताओं की रोचक सूची ने बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया है।
आयोजकों ने कहा कि पंजीकरण अपेक्षाओं से अधिक हुए हैं, जो एआई बुनियादी ढांचे, व्यवसाय में एआई अपनाने और देश की कंप्यूटिंग क्षमताओं में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
एआई के युग में रोजगार के भविष्य, कौशल विकास, बड़े पैमाने पर सुरक्षित और भरोसेमंद एआई, एआई शासन और बुनियादी ढांचा, जनरेटिव एआई के उपयोग, और सार्वजनिक क्षेत्र में एआई के मामलों पर पैनल चर्चाओं में इतनी भीड़ हुई कि सभी खड़े होकर ही सत्र सुन सके।
प्रतिभागी सत्रों के बीच गलियारों में खड़े होकर अपने विचार साझा कर रहे थे।
साथ ही, सम्मेलन के दौरान एआई एक्सपो का भी आयोजन किया गया है, जहां प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां जैसे गूगल, एनवीडिया, अमेज़न, मेटा, ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट और भारत की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने एआई नवाचार को प्रदर्शित कर रही हैं।
यह एक्सपो एआई के बदलाव और विकास पर ध्यान केंद्रित करता है और इसमें 300 से अधिक प्रदर्शनियां, 13 देशों के पवेलियन शामिल हैं।
इसके अलावा, एक्सपो में पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी जोर दिया गया है।
यह शिखर सम्मेलन भारत को न केवल अपनी विस्तृत प्रौद्योगिकी की अच्छी समझ वाली जनसंख्या और इंजीनियरिंग प्रतिभा को दिखाने का अवसर देता है, बल्कि वैश्विक दक्षिण देशों के लिए एआई तक समान पहुंच सुनिश्चित करने का अवसर भी प्रदान करता है।
सिर्फ एआई तक व्यापक पहुंच ही नहीं, भारत'ग्लोबल एआई कॉमन्स' पर अंतरराष्ट्रीय समझौता भी करने की कोशिश कर सकता है, यानी ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई के उपयोग के मामलों का एक साझा भंडार तैयार करना जिसे सभी के साथ साझा किया जा सके।
ब्रिटेन ने 2023 में पहला 'एआई शिखर सम्मेलन' आयोजित किया था, जिसमें एआई सुरक्षा और गंभीर जोखिमों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
इसके बाद फ्रांस में 2025 में आयोजित अगले संस्करण में प्रौद्योगिकी में बड़े निवेशों की घोषणाएं की गईं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए यह अवसर है कि वह भारत के प्रभावशाली डिजिटल बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी क्षमता को प्रदर्शित कर सकें, जिसने ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों को देश में संचालन स्थापित करने के लिए आकर्षित किया है।
साथ ही, अमेज़न, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा देश में डेटा सेंटर स्थापित करने के प्रतिबद्धताओं को भी दर्शाया जा सकता है।
शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में भारत को डिजिटल बुनियादी ढांचा और कृत्रिम मेधा के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि देश विश्व का डेटा संभालने और प्रौद्योगिकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
भाषा योगेश अजय
अजय
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