महाराष्ट्र में मारे गए पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिक के परिजनों से मिले अभिषेक, न्याय की मांग की
रंजन
- 13 Feb 2026, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
कोलकाता, 13 फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के उस प्रवासी श्रमिक के परिजनों से मुलाकात की जिसकी हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे में हत्या कर दी गई थी। उन्होंने पश्चिमी राज्य की पुलिस से मृतक को न्याय दिलाने की मांग की।
भाजपा ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर इस घटना को लेकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने पुरुलिया स्थित सुखेन महतो के आवास का दौरा किया और कहा कि हत्या में शामिल सभी लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अभिषेक ने चेतावनी दी कि अगर जांच में कोई गड़बड़ी होती है तो पार्टी परिवार को कानूनी और राजनीतिक समर्थन देगी।
बनर्जी ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र पुलिस को पुरुलिया जिले के बंदवान निवासी 24 वर्षीय प्रवासी सुखेन महतो की हत्या के मामले में गिरफ्तार दो लोगों की जमानत याचिका का विरोध करना चाहिए।
पुरुलिया में मृतक के परिजनों से मुलाकात के बाद टीएमसी नेता ने कहा, ''महाराष्ट्र पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परिवार को न्याय मिले।" उन्होंने कहा कि अगर आरोपी जमानत मांगते हैं, तो पुलिस को याचिका का विरोध करना चाहिए।
महाराष्ट्र पुलिस का जिक्र करते हुए टीएमसी नेता ने कहा, ''अगर वे ऐसा नहीं कर सकते, तो मामला हमें सौंप दें…। हम 50 दिनों के भीतर मामले को सुलझा लेंगे।''
टीएमसी के दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले सांसद ने कहा, ''हमें इस दर्दनाक घटना की जानकारी परसों मिली। मुख्यमंत्री ने दुख और संवेदना व्यक्त की और प्रशासन को महाराष्ट्र के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया ताकि दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके।''
ऑनलाइन प्रसारित एक कथित वीडियो का जिक्र करते हुए बनर्जी ने हमले को 'बर्बर' बताया और कहा कि पीड़ित परिवार सदमे में है।
उन्होंने कहा कि परिवार को कानूनी सहायता का आश्वासन दिया गया है और जरूरत पड़ने पर पार्टी इस मामले को अदालतों में ले जाएगी।
उन्होंने कहा, ''किसी को कुछ दिनों के लिए गिरफ्तार करना काफी नहीं है। अगर जमानत दी जाती है, तो जमानत रद्द करने के लिए अपील दायर की जानी चाहिए। हम इस कानूनी लड़ाई में परिवार की मदद करेंगे।''
हालांकि, बनर्जी ने कहा कि मौत का सटीक कारण अब भी जांच का विषय है और उन्होंने जोर देकर कहा कि वे इस त्रासदी का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते।
उन्होंने पुरुलिया से भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो से हस्तक्षेप करने और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करके शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ''मैं सांसद से पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कार्रवाई करने की उम्मीद करता हूं। जब लोगों की हत्या हो रही है तो तत्परता कहां है?'' उन्होंने आगे कहा कि यदि सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और समय पर मुकदमा शुरू नहीं हुआ, तो टीएमसी अपने विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल परिवार के सदस्यों के साथ महाराष्ट्र भेजेगी।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं 'ज्यादातर भाजपा शासित राज्यों में हो रही हैं'। उन्होंने पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं पर जनहित से ऊपर राजनीति को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''ज्यादातर समय यहां के भाजपा नेता बंगाल से संबंधित निधि को रोकने के लिए दिल्ली में डेरा डाले रहते हैं। मुझे उम्मीद है कि वह (पुरुलिया सांसद) पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर इस मामले को उठाएंगे।''
बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पार्टी पश्चिमी राज्य में एक टीम भेजेगी।
बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि शनिवार को विधानसभा क्षेत्रों, प्रखंडों और कस्बों में रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना नौ फरवरी को कोरेगांव के शिकारपुर पुलिस थाना क्षेत्र में घटी थी और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पुणे ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि पीड़ित की मौत नशे की हालत में हुए झगड़े के बाद हुई थी और इस घटना का कोई अन्य पहलू नहीं है।
बनर्जी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने आरोप लगाया कि प्रवासी श्रमिकों की मौतों को लेकर दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष, सीसीटीवी फुटेज और प्राथमिकी के विवरण से किसी भी भाषा आधारित मकसद का संकेत नहीं मिलता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के बाहर बंगाली श्रमिकों से जुड़ी छिटपुट घटनाओं को राजनीतिक कारणों से भाषा आधारित हमले के रूप में पेश किया जा रहा है, जिससे भय का माहौल बन सकता है और सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है।
सरकार ने कहा, ''कोई भी मौत या हिंसा की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले कोई भी विमर्श नहीं गढ़ना चाहिए।''
उन्होंने लोगों से सत्यापित तथ्यों पर भरोसा करने का आग्रह किया।
भाषा संतोष रंजन
रंजन
1302 2004 कोलकाता