विशेष जांच दल सोना गायब होने की जांच के संबंध में फिर से नमूना एकत्र करने शबरिमला पहुंचा
नरेश
- 12 Feb 2026, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
पथनमथिट्टा (केरल), 12 फरवरी (भाषा) शबरिमला मंदिर से कथित तौर पर सोना गायब होने की जांच कर रहा विशेष जांच दल (एसआईटी) बृहस्पतिवार को वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए फिर से नमूने एकत्र करने के उद्देश्य से मंदिर पहुंचा। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारी एस. शशिधरन के नेतृत्व में यह टीम सुबह शबरिमला के आधार शिविर पंपा पहुंची और दोपहर तक सन्निधानम के लिए रवाना हो गई।
सोमवार को केरल उच्च न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए फिर से नमूने एकत्र करने का निर्णय लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शबरिमला मंदिर बृहस्पितवार को शाम पांच बजे मासिक पूजा के लिए खुलेगा और 17 फरवरी को रात 10 बजे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बंद हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी सन्निधानम में विभिन्न पूजाओं के बाद मंदिर बंद होने पर नमूने एकत्र करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीकोविल और उसके स्तंभों में मौजूद कलाकृतियों पर चढ़ी सोने की परत को हटाने में एसआईटी को विधिक माप विज्ञान विभाग, फोरेंसिक प्रयोगशाला और कुशल कारीगरों की सहायता मिलेगी।
जांच दल द्वारपाल (संरक्षक देवता) की प्रतिमा से संबंधित प्लेट और श्रीकोविल (गर्भगृह) की चौखट से कथित तौर पर सोना गायब होने से संबंधित दो मामलों की जांच कर रहा है।
एसआईटी ने केरल उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था कि सामग्री में किए गए परिवर्तन की मात्रा, धातुकर्म संबंधी हेरफेर की प्रकृति और मूल रूप से मौजूद सोने की मात्रा तथा बाद में कम हुई मात्रा को सटीक और वस्तुनिष्ठ रूप से स्थापित करने के लिए उन्नत वैज्ञानिक विश्लेषण अपरिहार्य है।
एसआईटी ने सतह की मौलिक संरचना निर्धारित करने के लिए 'एक्स-रे फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी' (एक्सआरएफ), अति सूक्ष्म अशुद्धियों और मौलिक प्रोफाइलिंग के लिए 'इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री' (आईसीपी-एमएस) और मिश्र धातु संरचना तथा धातुकर्म एकरूपता का विश्लेषण करने के लिए 'ऑप्टिकल एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी' (ओईएस) करने का प्रस्ताव रखा था।
एसआईटी ने न्यायालय को सूचित किया था कि उसने विशेष परीक्षण कराने के लिए मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला और हैदराबाद स्थित रक्षा धातुकर्म अनुसंधान प्रयोगशाला सहित प्रमुख राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों और प्रयोगशालाओं से संपर्क किया था।
इससे पहले, एसआईटी ने पिछले वर्ष विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में विश्लेषण के लिए इसी प्रकार के नमूने एकत्र किए थे, लेकिन वहां ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इस मामले में अदालत ने एसआईटी को 19 फरवरी को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।
भाषा संतोष नरेश
नरेश
1202 1702 पथनमथिट्टा