असम में 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' लोग मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कर सकते हैं आवेदन: अधिकारी
दिलीप
- 10 Feb 2026, 07:19 PM
- Updated: 07:19 PM
गुवाहाटी, 10 फरवरी (भाषा) असम में विशेष पुनरीक्षण (एसआर) कवायद के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम "स्थायी रूप से स्थानांतरित होने" के आधार पर मतदाता सूची से हटा दिए गए, वे खुद को फिर से शामिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मतदाता जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के एक विशिष्ट प्रावधान के तहत आवेदन करने के लिए पात्र होंगे।
उन्होंने कहा, "बेदखली अभियान सहित विभिन्न कारणों से अपने निवास स्थान से स्थानांतरित होने वाले मतदाता पाएंगे कि उनके नाम पिछले मतदान केंद्रों या निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। अगर ऐसे मतदाता नाम हटाए जाने से पहले निवास स्थान में बदलाव के संबध में आवेदन नहीं कर पाए थे, तो अब वे इस प्रावधान के तहत नये पते पर नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।"
अधिकारियों के मुताबिक, एसआर प्रक्रिया के अंत में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद आवेदन दाखिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने पिछले हफ्ते इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को एक पत्र जारी किया था।
इस पत्र की एक प्रति 'पीटीआई-भाषा' के पास उपलब्ध है।
पत्र में कहा गया है, "असम में विभिन्न कारणों या प्रशासनिक कार्रवाइयों के कारण हाल ही में हुए विस्थापन की पृष्ठभूमि में कुछ मतदाताओं को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' के रूप में मतदाता सूची से हटा दिया गया, लेकिन वे निवास स्थान में बदलाव संबंधी आवेदन जमा करने में विफल रहे। इसकी वजह यह है कि पुनरीक्षण की एक कवायद के दौरान केवल एक ही फॉर्म संसाधित किया जा सकता है।"
पत्र में उन प्रावधानों का जिक्र किया गया है, जो किसी मतदाता को निर्धारित समय के भीतर डीईओ के समक्ष अपना नाम हटाए जाने के खिलाफ अपील करने या संक्षिप्त संशोधन या अद्यतन करने की प्रकिया के दौरान मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6 पेश करने की अनुमति देते हैं।
इसमें कहा गया है, "परिणामस्वरूप ऐसे आवेदक अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद फॉर्म-6 के तहत आवेदन कर सकते हैं।"
अधिकारियों ने बताया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल आम तौर पर नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिए किया जाता है और इस मामले में इसका उपयोग केवल वे मतदाता कर सकते हैं, जिनके नाम उनके पिछले निर्वाचन क्षेत्रों से हटा दिए गए हैं, लेकिन वे फॉर्म-8 (निवास स्थान में बदलाव या प्रविष्टियों में सुधार) जमा नहीं कर सके, क्योंकि उनके नाम को लेकर फॉर्म-7 (आपत्ति या हटाने संबंधी अनुरोध) पहले से ही प्रक्रियाधीन था।
उन्होंने बताया कि आवेदकों को फॉर्म-6 के तहत आवश्यक सभी दस्तावेजों के साथ अपने पिछले मतदाता पहचान पत्र की एक प्रति जमा करनी होगी।
भाषा पारुल दिलीप
दिलीप
1002 1919 गुवाहाटी