भाजपा शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी:फडणवीस
रंजन
- 09 Feb 2026, 08:22 PM
- Updated: 08:22 PM
मुंबई, नौ फरवरी (भाषा) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनावों की मतगणना के बीच सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महाराष्ट्र के शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
फडणवीस ने कहा कि भाजपा ने 12 जिलों में अब तक 236 सीटें जीतकर और 125 पंचायत समितियों में 410 सीटें जीतकर अपना 2017 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से पता चलता है कि लोगों ने एक बार फिर महायुति गठबंधन पर अपना भरोसा जताया है।
राज्य के 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव के लिए मतगणना सुबह 10 बजे शुरू हुई। निर्वाचन आयोग ने अब तक परिणामों पर कोई आधिकारिक अपडेट साझा नहीं किया है।
फडणवीस ने कहा कि सात फरवरी को जिन 12 जिला परिषदों में चुनाव हुआ था उनमें से सात में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "सभी 12 जिलों में महायुति विजयी हुई है, जिसमें भाजपा सात जिला परिषदों- छत्रपति संभाजीनगर, सिंधुदुर्ग, सोलापुर, सांगली, धाराशिव, परभणी और सतारा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।"
उन्होंने कहा कि रायगढ़ और रत्नागिरी जिला परिषदों में शिवसेना आगे चल रही है, जबकि एक अन्य सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने पुणे में जीत हासिल की है।
फडणवीस ने कहा, "कोल्हापुर और लातूर में भी साथ मिलकर चुनाव लड़ने के बाद महायुति सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरा है।"
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने 2017 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जब पार्टी ने इन 12 जिलों में 141 सीटें जीती थीं।
फडणवीस ने कहा, "नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा ने 236 सीटें हासिल की हैं। 125 पंचायत समितियों में, भाजपा ने अपनी सीटों की संख्या पिछले 284 से सुधारकर 410 कर ली है।"
उन्होंने कहा कि हमारे सहयोगियों को भी अच्छे परिणाम मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा 125 पंचायत समितियों में से 50 पर जीत दर्ज करेगी, शिवसेना 26 और राकांपा 23 पर विजयी रहेगी।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस और राकांपा (शप) सात से आठ-आठ समितियां जीतेंगे, जबकि शिवसेना (उबाठा) पांच अन्य समितियां जीतेगी।"
फडणवीस ने कहा कि परिणाम दर्शाते हैं कि विपक्ष केवल मीडिया में मौजूद है और जनता की नब्ज पहचानने में विफल रहा है।
उन्होंने कहा, "वे (गलत तरीके से) मानते हैं कि उनकी राजनीतिक आकांक्षाएं ही लोगों की आकांक्षाएं हैं, और यही कारण है कि वे हार जाते हैं। विपक्ष लड़ने की इच्छाशक्ति खो चुका है। जब वे प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हैं, तो वे हार जाते हैं क्योंकि लोग ऐसी आलोचना पसंद नहीं करते।"
भाषा नोमान नरेश रंजन
रंजन
0902 2022 मुंबई