असम पुलिस की एसआईटी रिपोर्ट में पाकिस्तान से संबंध का कोई सबूत नहीं: गौरव गोगोई
प्रशांत
- 09 Feb 2026, 08:16 PM
- Updated: 08:16 PM
गुवाहाटी, नौ फरवरी (भाषा) असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोमवार को दावा किया कि उनके खिलाफ ''पाकिस्तान से संबंध'' वाले मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के आरोपों को साबित करने के लिए असम पुलिस की रिपोर्ट में कुछ भी नहीं है।
गोगोई ने यह भी सवाल उठाया कि उनके "राष्ट्र-विरोधी" गतिविधियों में शामिल होने का कोई सबूत यदि शर्मा के पास था, तो उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट को छह महीने तक क्यों दबाए रखा।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने कहा कि वह अपने नाबालिग बच्चों के पासपोर्ट और दूसरी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए शर्मा के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की संभावना तलाश रहे हैं।
गोगोई के "पाकिस्तान से संबंध" की एसआईटी जांच के निष्कर्षों का शर्मा द्वारा खुलासा करने के एक दिन बाद गोगोई ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुख्यमंत्री एसआईटी रिपोर्ट का खुलासा नहीं करना चाहते थे। उन्होंने छह महीने तक उसे दबाये रखा। उन्होंने एक-एक पेज पढ़ा, लेकिन उन्हें मेरे (पाकिस्तान में) प्रशिक्षण लेने, आईएसआई एजेंट होने वगैरह के उनके आरोपों को सही साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला।"
गोगोई ने सवाल किया, "यदि राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से निष्कर्ष इतने जरूरी थे, तो उन्होंने छह महीने इंतजार क्यों किया? अगर जांच के लिए केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद की जरूरत थी, तो उन्होंने इसे क्यों दबाये रखा?"
असम में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), गोगोई की पत्नी के पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के साथ कथित संबंध को लेकर गोगोई पर निशाना साध रहे हैं। राज्य सरकार ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के भारत के अंदरूनी मामलों में कथित दखल के मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है। शेख के बारे में दावा किया गया है कि उसके गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के साथ कथित तौर पर संबंध हैं।
शर्मा ने रविवार को एसआईटी रिपोर्ट के विवरण का खुलासा करते हुए आरोप लगाया था कि गोगोई, कोलबर्न और शेख का ''गहरा संबंध'' है और खुफिया ब्यूरो (आईबी) से प्राप्त जानकारी गुप्त रूप से पड़ोसी देश को दी गई।
उन्होंने कहा था कि असम सरकार ने मामले और एसआईटी रिपोर्ट को आगे की जांच के लिए केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया है।
एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर शर्मा द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए गोगोई ने कहा कि उनके नाबालिग बच्चों को इसमें ''घसीटना'' यहां तक कि ''मुख्यमंत्री के लिए भी एक नया निम्न स्तर है।''
गोगोई ने कहा, ''मेरे पांच और नौ साल के बच्चों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की गई। मैं मुख्यमंत्री को चेतावनी देना चाहता हूं कि हम भी आपके बच्चों के बारे में सब कुछ जानते हैं, जो कहीं अधिक बड़े हैं, लेकिन हम कुछ उजागर नहीं करना चाहते। मुझे ऐसा करने के लिए मजबूर मत कीजिए।''
गोगोई से जब उनके बच्चों की ब्रिटिश नागरिकता को लेकर सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा कि उनकी देखभाल मुख्य रूप से उनकी मां करती हैं, क्योंकि वह अपने सार्वजनिक जीवन में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा, ''उनके 18 साल के होने तक उनकी देखभाल उनकी मां करेंगी। जब वे वयस्क हो जाएंगे, तब वे अपने निर्णय खुद ले सकते हैं।''
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेताओं के बच्चों के भारतीय नागरिकता छोड़ने के मामले हैं, जिनमें शर्मा के एक रिश्तेदार का नाम भी शामिल है।
गोगोई ने दिसंबर 2013 में पाकिस्तान के अपने 10-दिवसीय प्रवास के बारे में दावा किया कि उनकी पत्नी काम से संबंधित कारणों से पड़ोसी देश गई थीं और वह उनके साथ गए थे।
गोगोई ने कहा कि उनकी पत्नी ने 2012 में पाकिस्तान में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम पर एक साल तक काम किया था और बाद में उसी काम के सिलसिले में भारत में तैनात की गईं, जिससे उन्हें फिर से पड़ोसी देश की यात्रा करनी पड़ी।
गोगोई ने कहा कि उनकी यात्रा वैध अनुमतियों और उनके व्यक्तिगत पासपोर्ट पर हुई थी, जिसे उन्होंने 2014 में सांसद चुने जाने के बाद केंद्र को सौंपा था, जिसमें वीजा अनुमतियों सहित सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं।
कांग्रेस नेता गोगोई ने शर्मा की बांग्लादेश यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा, ''मुख्यमंत्री 10 बार बांग्लादेश गए हैं, जबकि मैं (पाकिस्तान) एक बार गया था।''
उन्होंने यह भी सवाल किया, ''जुबिन गर्ग के निधन के बाद सिंगापुर में कौन थे और क्या यह सच है, जैसा कि कई लोगों ने दावा किया कि सरकार प्रायोजित कार्यक्रम तीन दिनों तक जारी रहा।''
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी का पाकिस्तान में कोई सक्रिय बैंक खाता नहीं है और भारत में स्थानांतरण के बाद उन्होंने जो रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारियों को सौंपी, उसमें खुफिया ब्यूरो (आईबी) से प्राप्त कोई जानकारी शामिल नहीं थी।
संसद में भारत की सुरक्षा और रक्षा मामलों को लेकर गोगोई के सवालों पर शर्मा द्वारा संदेह जताए जाने पर, कांग्रेस नेता ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या असम से एक सांसद देश के मामलों में रुचि नहीं ले सकता।
उन्होंने कहा, ''इसके अलावा, अगर लोकसभा सचिवालय यह मानता है कि कोई सवाल मान्य नहीं है या जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, तो उसे रद्द कर दिया जाता है।''
गोगोई ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कदम उठाने से परहेज किया, क्योंकि किसी स्थगन आदेश से शर्मा यह दावा कर सकते थे कि कांग्रेस नेता सच छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
गोगोई ने शर्मा के उस दावे को खारिज किया कि मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट जमा होने के तुरंत बाद एसआईटी की रिपोर्ट के निष्कर्ष नहीं बताए, क्योंकि इसके कुछ ही समय बाद लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग का निधन हो गया था और राज्य के लोग शोक में थे।
उन्होंने कहा, ''एसआईटी रिपोर्ट 10 सितंबर को सौंपी गई थी और जुबिन दा का निधन 19 सितंबर को हुआ।''
कांग्रेस नेता गोगोई ने दावा किया कि शर्मा एसआईटी रिपोर्ट की सामग्री को चुनाव से ठीक पहले तक रोकना चाहते थे, लेकिन विपक्षी पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री और उनके परिवार द्वारा ''भूमि हड़पने'' के मामलों को उजागर करने के बाद उन्हें इसे जल्दी सार्वजनिक करना पड़ा।
गोगोई ने दावा किया कि उनके जीवन को खतरा है, लेकिन उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को मिलने वाली सुरक्षा से वंचित किया जा रहा है।
गोगोई ने कहा, ''उन्हें (शर्मा) राज्य के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा, मादक पदार्थ की बढ़ती समस्या और अन्य समस्याएं।''
भाषा
अमित प्रशांत
प्रशांत
0902 2016 गुवाहाटी