वित्त मंत्री ने पिछले साल किए गए वादों को भुला दिया : कांग्रेस नेता पी चिदंबरम
अविनाश
- 09 Feb 2026, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सोमवार को सरकार पर 2025-26 में पूंजीगत व्यय में कटौती करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कटौती ऐसे समय की गयी है 'जब न तो सार्वजनिक क्षेत्र, न ही निजी क्षेत्र और न ही विदेशी निवेशक भारत में निवेश कर रहे हैं'।
राज्यसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा शुरू करते हुए, पूर्व वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि यह भुला दिया जाने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि सरकार की बहुचर्चित 'सुधार एक्सप्रेस' पटरी से नहीं उतरी है, बल्कि अटकी हुई है तथा युवाओं में बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, वहीं सरकार की "इंटर्नशिप योजना" विफल रही है।
चिदंबरम ने कृषि और ग्रामीण विकास के लिए आवंटन में कटौती करने के लिए भी सरकार की आलोचना की और उस पर गांवों को सड़कों और आवास से वंचित करने का आरोप लगाया।
सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, "लगभग 12 वर्षों से पूंजी निवेश, सकल स्थिर पूंजी निर्माण, जीडीपी के 30 प्रतिशत पर अटका हुआ है। 2024-25 में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफपीआई) गिरकर 0.09 प्रतिशत से भी कम हो गया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) अपना निवेश वापस ले रहे हैं। कंपनियों के पास पर्याप्त नकदी होने के बावजूद निजी निवेश जीडीपी के 22 प्रतिशत पर अटका हुआ है।"
उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में जब न तो सार्वजनिक क्षेत्र, न ही निजी क्षेत्र और न ही विदेशी निवेशक भारत में निवेश कर रहे हैं, इस सरकार ने पूंजीगत व्यय में कटौती की है। वर्ष 2025-26 में उन्होंने पूंजीगत व्यय में 1,44,376 करोड़ रुपये की भारी कटौती की है।"
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र ने अपने पूंजीगत व्यय में 25,335 करोड़ रुपये की कटौती की है, और इससे भी खराब बात यह है कि राज्य के पूंजीगत व्यय में, जिसके लिए केंद्र अग्रिम देता है, 1,19,041 करोड़ रुपये की कटौती की गई है।"
बेरोजगारी की चुनौती पर जोर देते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, "युवा बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत है। कार्यबल के 25 प्रतिशत से भी कम लोग नियमित रोजगार में हैं। स्वरोजगार की ओर रुझान बढ़ रहा है, और चार-पांच साल पहले की तुलना में कृषि क्षेत्र में अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "यह भुला देने योग्य बजट है, ऐसा भुला देने योग्य बजट जिसे एक वित्त मंत्री ने तैयार किया है, जो पिछले साल इस सदन में किए गए अपने वादों को भूल गई हैं।"
उन्होंने कहा, "144 करोड़ की आबादी वाले देश में, केवल 195 लाख लोग, यानी दो करोड़ से भी कम, कारखानों में कार्यरत हैं। विनिर्माण, जिसमें अधिकतर कारखाने शामिल हैं, कई वर्षों से 16 प्रतिशत पर अटका हुआ है।" प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का जिक्र करते हुए, जिसमें कंपनियों को इंटर्नशिप देने के लिए राजी किया गया था, चिदंबरम ने कहा, "1,65,000 प्रस्ताव आए। केवल 33,000 ने स्वीकार किए। क्या बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप करने के लिए कोई युवा लड़के-लड़कियां नहीं हैं?...और स्वीकार किए गए 33,000 में से 6,000 ने नौकरी छोड़ दी।"
उन्होंने प्रश्न किया, "इंटर्नशिप योजना में क्या गड़बड़ है?" और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से स्पष्टीकरण मांगा कि यह योजना "इस साल पूरी तरह विफल" क्यों रही।
"धीमी विकास दर" की चुनौती की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सीतारमण द्वारा अपने बजट भाषण में उल्लिखित "सुधार एक्सप्रेस", जो "अपने रास्ते पर है और हमारे कर्तव्य को पूरा करने में हमारी मदद के लिए अपनी गति बनाए रखेगी", अटकी हुई है और अभी तक पटरी से नहीं उतरी है।
भाषा माधव अविनाश
अविनाश
0902 1904 संसद