बजट में पूंजीगत व्यय में कमी का दावा गलत, राजकोषीय घाटे को कम करने की घोषणा सराहनीय : भाजपा
अविनाश
- 09 Feb 2026, 05:31 PM
- Updated: 05:31 PM
नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) बजट में पूंजीगत व्यय कम करने के कांग्रेस के आरोप को खारिज करते हुए भाजपा सांसद अरुण सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार ने पूंजीगत व्यय में कमी लाए बिना राजकोषीय घाटे को कम करने की घोषणा की है, जो सराहनीय है।
उच्च सदन में आम बजट 2026-27 पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के अरुण सिंह ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश किया, जो एक इतिहास है। उन्होंने कहा कि 53.5 लाख करोड़ रूपये का कुल बजट है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में बजट का कुल आकार 16.65 लाख करोड़ रूपये था यानी बजट का आकार तीन गुना बढ़ गया है।
उन्होंने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की इस आलोचना को खारिज कर दिया कि बजट में पूंजीगत व्यय को कम किया गया है। भाजपा सदस्य ने कहा कि बजट में कुल मिलाकर साढ़े बारह लाख करोड़ रूपये का पूंजीगत व्यय है, जो कांग्रेस नीत सरकार के समय दो से ढाई लाख करोड़ रूपये के बीच में हुआ करता था।
सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार आगामी वित्त वर्ष में 17.72 करोड़ रूपये विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खर्च करने जा रही है जबकि 4.5 करोड़ रूपये की सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी में सुधार करने से देशवासियों को एक लाख करोड़ रूपये का लाभ हुआ।
उन्होंने कहा कि एक तरफ खर्च बढ़ाना और दूसरी तरफ जीएसटी के माध्यम से लोगों को लाभ देना, उसके बावजूद यदि अगले साल के लिए 4.3 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा गया है तो वह वित्त मंत्री की इस बात के लिए अभिनंदन करना चाहते हैं कि किसी भी प्रकार से पूंजीगत व्यय में कटौती नहीं की गयी।
इससे पहले बजट 2026-27 पर उच्च सदन में चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस नेता चिदंबरम ने इस बात पर चिंता जतायी थी कि सरकार ने पूंजीगत व्यय में कटौती है। उन्होंने कहा कि 1,44,376 करोड़ रूपये के पूंजीगत व्यय में कमी की गयी हैं जिसमें केंद्र के पूंजीगत व्यय में 25,335 करोड़ रूपये तथा राज्यों के पूंजीगत व्यय में 1,19,041 करोड़ रूपये की कमी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार को क्या इस बात का स्पष्टीकरण नहीं देना चाहिए कि राज्यों को धन क्यों नहीं दिया गया या कोष जारी करने के समय शर्तें क्यों लगायी गयीं ? उन्होंने कहा कि इस बारे में वित्त मंत्री के बजट भाषण में कोई कारण नहीं दिये गये हैं।
भाजपा सदस्य ने कहा कि 2014-15 में 4.07 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए जाते थे जिसकी संख्या पिछले साल 9.02 करोड़ हो गयी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कर संग्रह में बढ़ोतरी होना दिखाता है कि देशवासियों का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार और उसकी आर्थिक नीतियों में भरोसा बढ़ गया है।
भाजपा के ही घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौवीं बार बजट पेश किया तथा वित्तीय प्रबंधन महिलाओं से बेहतर और कोई नहीं कर सकता।
उन्होंने दावा किया कि व्हाइट हाउस ने रूस से तेल खरीदने के लिए लगाये गए शुल्क की राशि, भारत को वापस देने की घोषणा की है और इसका श्रेय मोदी सरकार को जाता है।
तिवाड़ी ने यह भी कहा कि मुद्दों को लेकर, नीतियों को लेकर आलोचना की जानी चाहिए लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहना, उन्हें गालियां देना उचित नहीं है।
भाषा
माधव मनीषा अविनाश
अविनाश
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