जनता की अदालत गौरव की 'भारत विरोधी' गतिविधियों पर फैसला करेगी : हिमंत विश्व शर्मा
रंजन
- 08 Feb 2026, 09:13 PM
- Updated: 09:13 PM
गुवाहाटी, आठ फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई को भारत विरोधी नेटवर्क का 'प्रमुख सूत्रधार'और उनकी पत्नी को पाकिस्तानी 'एजेंट' करार देते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेता की देश विरोधी गतिविधियों पर फैसला करने का अधिकार उन्होंने 'जनता की अदालत' पर छोड़ दिया है।
इससे पहले दिन में, शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच 'गहरा संबंध' था, और खुफिया ब्यूरो से जानकारी लेकर गुप्त रूप से पड़ोसी देश को दी जाती थी।
मुख्यमंत्री ने रविवार शाम को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी पोस्ट एक पोस्ट में 'सत्यमेव जयते' लिखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय को टैग किया।
उन्होंने कहा, ''हालांकि अब एक केंद्रीय एजेंसी इस मामले की गहराई से जांच करेगी, मैं यह फैसला जनता की अदालत पर छोड़ता हूं कि असम में कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने पाकिस्तानी सरकार के साथ साठगांठ कर भारत के हितों के खिलाफ किये गए कार्य पर क्या करती है।''
असम मंत्रिमंडल ने शनिवार को पुलिस द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट को केंद्र को भेजने का फैसला किया, जिसमें कहा गया है कि राज्य एजेंसी के पास 'साजिश' की आगे जांच करने का अधिकार नहीं है।
शर्मा ने पोस्ट में कहा, ''आज पाकिस्तान और उसके छद्म किरदारों द्वारा भारत को अस्थिर करने के वैश्विक षड्यंत्र का पर्दाफाश करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मैंने भारत की जनता के समक्ष यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा रची गई गहरी साजिश के तहत एलिजाबेथ कोलबर्न नामक एक एजेंट को भारत के विकास का अध्ययन करने और पर्यावरण सक्रियता के माध्यम से इसे पटरी से उतारने के तरीके खोजने के लिए भेजा गया था।''
उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध रोजगार अनुबंधों, गुप्त वित्तपोषण पैटर्न, संदिग्ध यात्रा गतिविधियों और संवेदनशील सूचनाओं के माध्यम से, इस तंत्र ने ''भारत विरोधी गतिविधियों का जाल''बुना।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि असम से कांग्रेस सांसद, जो एक पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे भी हैं, इस पूरे नेटवर्क में एक प्रमुख किरदार थे और उन्होंने संसद में संवेदनशील मामलों में जवाब प्राप्त कर, गुप्त पाकिस्तानी यात्राएं करके और युवा आदान-प्रदान के बहाने भारत में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ साठगांठ कर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन गतिविधियों में सहयाता दी।''
उन्होंने असम पुलिस के उन अधिकारियों की सराहना की, जो अपनी सीमाओं के बावजूद इस 'खतरनाक गठजोड़' का पर्दाफाश करने और चौंकाने वाले खुलासे करने में सफलता प्राप्त की।
असम के गृह विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे शर्मा ने कहा, ''हमारे पास मौजूद सामग्री की व्यापकता और कई अनुत्तरित प्रश्न केंद्रीय सरकारी एजेंसी द्वारा गहन जांच की मांग करते हैं और हमने आगे के निर्देशों के लिए इस मामले को गृह मंत्रालय को भेज दिया है।''
उन्होंने कहा कि जब यह मामला सामने आया, तब किसी ने भी ''भारत विरोधी गतिविधियों के व्यापक पैमाने'' की कल्पना नहीं की थी।
असम कांग्रेस के अध्यक्ष गोगोई ने शर्मा के पाकिस्तानी संबंधों के आरोपों को 'बिल्कुल बेतुका और मनगढ़ंत' बताकर खारिज कर दिया।
गोगोई ने शर्मा के संवाददाता सम्मेलन में दी गई जानकारी को 'सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर' बताया और कहा कि यह 'सुपर फ्लॉप' थी।
भाषा धीरज रंजन
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