अग्रिम पंक्ति की सतर्कता को प्रौद्योगिकी से मजबूती दी जानी चाहिए: गृह मंत्री शाह
अविनाश
- 06 Feb 2026, 08:52 PM
- Updated: 08:52 PM
(तस्वीरों के साथ)
जम्मू, छह फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर्मियों की निरंतर सतर्कता महत्वपूर्ण बनी हुई है, वहीं उन्नत प्रौद्योगिकी से उत्पन्न चुनौतियों का मुकाबला समान रूप से उन्नत तकनीकी समाधानों से किया जाना चाहिए।
शाह जम्मू-कश्मीर के कठुआ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित अग्रिम चौकियों के दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की भूमिका की भी सराहना की। इस अभियान के दौरान जम्मू सीमा पर सीमा के पार 118 दुश्मन चौकियों और तीन आतंकी 'लॉन्च पैड' को नष्ट कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार और बीएसएफ दोनों का साझा उद्देश्य देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ साल पहले जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, वे आज की चुनौतियों से बिल्कुल अलग हैं।
गृह मंत्री ने कहा, "कुछ साल पहले सीमाओं पर हमें जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, वे आज की चुनौतियों से बिल्कुल अलग हैं। मोर्चे पर लगातार सतर्क रहने के लिए आपका समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से उभरती चुनौतियों के साथ-साथ, हमें उनका मुकाबला करने के लिए तकनीकी समाधान भी खोजने होंगे।"
हीरानगर सेक्टर में गुरनाम और बोबियान की सीमा चौकियों के दौरे के दौरान उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका और बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार भी थे।
उनकी यह यात्रा सीमा प्रबंधन पर विशेष तवज्जो के बीच हो रही है, जिसका उद्देश्य आतंकवादियों की घुसपैठ और हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना है। साथ ही, आतंकवाद विरोधी अभियान भी तेज किए गए हैं, जिनमें पिछले दो हफ्तों में कठुआ, उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में लगभग एक दर्जन मुठभेड़ों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चार कट्टर पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए हैं।
शाह जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार देर रात यहां पहुंचे और उनका स्वागत उपराज्यपाल सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने किया।
अधिकारियों ने बताया कि कठुआ में गृह मंत्री ने बोबियान में सीमा रक्षकों के लिए छह कल्याणकारी योजनाओं का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास किया।
बोबियान में बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वह सीमा निगरानी का जायजा लेने और बल के कर्मियों के साथ सीधे संवाद करने आए हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने यह वादा किया है कि बीएसएफ के 60वें वर्ष को बीएसएफ आधुनिकीकरण और बीएसएफ कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। गृह मंत्रालय की एक टीम इन दोनों पहलुओं पर काम कर रही है।"
उन्होंने कहा कि बीएसएफ कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार एक विशेष योजना भी लाएगी।
शाह ने कहा, "इसके अतिरिक्त, सरकार प्रौद्योगिकी के आधार पर सीमा सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक धनराशि खर्च करने को तैयार है। मेरा मानना है कि बेहतर सीमा अवसंरचना और आधुनिक उपकरण आपके अपने कर्तव्यों के निर्वाह में अत्यंत सहायक होंगे।"
गृह मंत्री ने बीएसएफ कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के कारण ही पूरा देश शांति से सो पाता है और सुरक्षित महसूस करता है।
उन्होंने कहा, "जब भी मैं किसी बीएसएफ चौकी का दौरा करता हूं—चाहे वह राजस्थान के कच्छ का रेगिस्तान हो या जम्मू-कश्मीर का क्षेत्र—वहां पर तैनात बीएसएफ जवानों से हमेशा कर्तव्यबोध और कर्तव्य-निर्वहन के गुण सीख कर लौटता हूं, जो आप समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते समय प्रदर्शित करते हैं।"
उन्होंने कहा कि दिन-रात सीमा पर तैनात रहने वाले बीएसएफ जवान सभी बलों में समर्पण और कर्तव्यनिष्ठ सेवा का सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा, "यह भावना आपके 60 वर्षों के वीरतापूर्ण इतिहास में निहित है, जिसने आपको पूरे देश में सम्मान और प्रशंसा दिलाई है।"
पिछले साल मई में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि बीएसएफ द्वारा प्रदर्शित अनुकरणीय साहस इसके छह दशक लंबे इतिहास में एक सुनहरा अध्याय बन गया है।
उन्होंने कहा, ''उस कठिन घड़ी में भी बीएसएफ के जवानों ने 'हम सीमा के प्रहरी हैं' के भाव को हमेशा बुलंद रखा। जम्मू-कश्मीर सीमा के अंतर्गत, बीएसएफ ने 118 चौकियों और तीन आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट कर दिया।"
भाषा प्रशांत अविनाश
अविनाश
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