बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध अन्य देशों के साथ रिश्तों से अलग: सरकार
सुभाष
- 06 Feb 2026, 06:51 PM
- Updated: 06:51 PM
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध अन्य देशों के साथ उसके संबंधों से अलग हैं और नयी दिल्ली की नजर राष्ट्रीय हितों को प्रभावित करने वाले घटनाक्रमों पर बनी रहती है तथा उनकी रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते हैं।
लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन के बारे में ''अंतरिम सरकार को सभी संबंधित वार्ताओं में जानकारी दी गई है।''
एक और प्रश्न के लिखित उत्तर में, मंत्री ने कहा कि वह ''पड़ोस में होने वाले घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखती है'', खासकर उनपर जिनका भारत की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों पर असर पड़ता है।
सिंह ने कहा, ''सरकार भारत के पड़ोसियों के साथ उसके संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, जो बहुआयामी हैं और आपसी हितों, संवेदनशीलता और मौजूदा द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार विकसित होते हैं।''
विदेश मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या भारत और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंध वर्तमान में एक ''संवेदनशील दौर'' से गुजर रहे हैं और क्या पाकिस्तान इस स्थिति का ''फायदा उठाने की कोशिश'' कर रहा है, जो देश के लिए हानिकारक हो सकता है।
जवाब में सिंह ने कहा, ''भारत और बांग्लादेश, पड़ोसी देशों के रूप में, प्रगाढ़ ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक संबंध साझा करते हैं। हमारे द्विपक्षीय संबंध लोगों के विकास पर केंद्रित हैं। दोनों देशों के बीच संस्थागत द्विपक्षीय तंत्र के तहत कई आदान-प्रदान और बैठकें हुई हैं।''
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध ''अन्य देशों के साथ उसके संबंधों से अलग'' हैं।
विदेश मंत्रालय से यह भी पूछा गया था कि क्या सरकार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ उस देश में ''अल्पसंख्यक नागरिकों, खासकर हिंदुओं की सरेआम हत्याओं'' की खबरों के बारे में कोई चर्चा की है।
सिंह ने कहा, ''भारत ने सभी संबंधित मौकों पर, जिसमें उच्चतम स्तर भी शामिल है, बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मामला निरंतर उठाया है। यह मुद्दा प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने 16 फरवरी 2025 को बांग्लादेश के विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन के साथ अपनी बैठक के दौरान उठाया था।''
उन्होंने कहा कि सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित रिपोर्टों पर 'लगातार नज़र रख रही है'। सिंह ने कहा, ''बांग्लादेश सरकार की यह पहली ज़िम्मेदारी है कि वह बांग्लादेश के सभी नागरिकों, जिसमें धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, के जीवन की रक्षा और आज़ादी तथा कल्याण सुनिश्चित करे।''
एक अन्य प्रश्न में, विदेश मंत्रालय से पूछा गया कि क्या सरकार ने ''पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश के बीच बढ़ते गठजोड़'' पर ध्यान दिया है, जिनके साथ भारत अपनी अधिकतर अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और यदि 'हां', तो इस ''बढ़ते गठजोड़'' से होने वाले संभावित आर्थिक और सुरक्षा ''खतरे'' क्या हैं।
सिंह ने लिखित जवाब में कहा, ''भारत सरकार भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर असर डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नज़र रखती है और इसकी सुरक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाती है। इसमें हमारे आस-पड़ोस के घटनाक्रम भी शामिल हैं।''
विदेश राज्य मंत्री ने कहा, ''सरकार भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और सभी क्षेत्रों में व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।''
भाषा वैभव सुभाष
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