दिल्ली पुलिस आयुक्त 'अपमानजनक' टिप्पणी करने वाले वकील की उपस्थिति सुनिश्चित करें: न्यायालय
पवनेश
- 06 Feb 2026, 06:40 PM
- Updated: 06:40 PM
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह वकील मुकुट नाथ वर्मा की उपस्थिति सुनिश्चित करें, जिन्होंने शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों और 'एससीबीए' चुनावों के संचालन के लिए गठित चुनाव समिति के सदस्यों के खिलाफ कथित तौर पर ''अपमानजनक और निराधार'' आरोप लगाए हैं।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को 'सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन' (एससीबीए) के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह तथा वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया (जो एससीबीए चुनाव समिति के प्रमुख भी हैं) ने बताया कि दिल्ली पुलिस वकील के खिलाफ पूर्व में जारी किये गए जमानती वारंट को तामील कराने में असमर्थ रही है।
न्यायालय एसोसिएशन में सुधारों को लेकर एससीबीए की 2023 की याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
शीर्ष अदालत ने पूर्व में, एससीबीए चुनाव कराने के लिए इस न्यायालय द्वारा गठित चुनाव समिति के सदस्यों के खिलाफ वकील डॉ. मुकुट नाथ वर्मा द्वारा तिलक मार्ग पुलिस थाने में की गई एक ''निंदनीय और तुच्छ शिकायत'' का कड़ा संज्ञान लिया था।
पीठ ने उन्हें 29 मई 2025 को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था और कहा था कि यदि वह उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पिछले साल 29 मई को वर्मा ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय में पेश हुए थे, लेकिन इसने उनकी शारीरिक उपस्थिति पर जोर दिया था।
बाद में, वर्मा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किये गए, लेकिन पुलिस उन्हें नहीं ढूंढ सकी और इस कारण उसे (वारंट) वापस कर दिया गया।
अब शीर्ष अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वह ''कानूनी दंडात्मक उपायों'' का उपयोग करके 23 फरवरी को वर्मा की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करें।
इस बीच, शीर्ष अदालत ने आवश्यक निर्देश पारित करने के लिए एससीबीए सचिव प्रज्ञा बघेल को बार एसोसिएशन, न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एल एन राव और हंसारिया के सुझावों को सारणीबद्ध रूप में संकलित करने का निर्देश दिया।
हंसारिया ने सुझाव दिया कि एससीबीए के निर्वाचित प्रतिनिधि का कार्यकाल मौजूदा एक वर्ष के बजाय दो वर्ष होना चाहिए, जो 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड्स एसोसिएशन' (एससीएओआरए) की तर्ज पर हो।
पीठ ने कहा कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर, सभी सुझावों पर विचार करने के बाद निर्देश पारित करेगी।
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश
0602 1840 दिल्ली