स्कूल में ड्यूटी करने से डर रही हैं प्रधानाध्यापिका
नरेश
- 06 Feb 2026, 05:45 PM
- Updated: 05:45 PM
कोल्लम (केरल), छह फरवरी (भाषा) केरल के एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में दो दिन पहले चूड़ीदार पहनने के कारण कथित तौर पर प्रवेश करने से रोकी गई प्रधानाध्यापिका ने शुक्रवार को दावा किया कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं किए जाने की वजह से उन्हें वहां काम जारी रखने से डर लग रहा है।
प्रधानाध्यापिका ने घटना के पीछे प्रबंधक का हाथ होने का आरोप लगाया।
प्रधानाध्यापिका सिंधु एस. नायर ने एक टेलीविजन चैनल के साथ बातचीत में दावा किया, ''सुरक्षा गार्ड शशांक को प्रबंधक ने नियुक्त किया था और वह स्थायी कर्मचारी नहीं था। उसे गिरफ्तार करके एक तरह का छलावा रचा गया है। उसने खुद कहा कि उसने प्रबंधक के निर्देशों पर काम किया था, फिर भी प्रबंधक को शुरू में आरोपी नहीं बनाया गया।''
नायर ने कहा कि उन्हें संदेह है कि स्कूल प्रबंधन उनसे बदला लेने की फिराक में है और उन्होंने दोहराया कि वह ''वर्तमान परिस्थितियों में स्कूल में काम जारी रखने से डरती हैं।''
उनकी टिप्पणियों के बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधक को इस मामले में आरोपी के रूप में नामित किया।
कोट्टारक्कारा थाने के एक अधिकारी ने बताया कि शुरू में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126 (गलत तरीके से रोकना) और 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द या कार्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
प्रबंधक को आरोपी के रूप में शामिल किए जाने के बाद अधिनियम की धारा 49 (उकसाना) और 3(5) भी लागू की गई।
अधिकारियों के अनुसार, नायर को बुधवार सुबह लगभग नौ बजे स्कूल पहुंचते ही स्कूल प्रबंधक के निर्देश पर सुरक्षाकर्मियों ने परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।
इसके बाद उन्होंने पुलिस को बुलाया और कोट्टारक्कारा थाने के अधिकारियों के आने के बाद ही उन्हें स्कूल में प्रवेश करने की अनुमति मिली। टेलीविजन पर दिखाए गए दृश्यों में प्रधानाध्यापिका को स्कूल के गेट के बाहर मिड डे मील के लिए लाए गए अंडों की ट्रे लिए बैठा हुआ देखा जा सकता है।
स्कूल प्रबंधक ने अब तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पुलिस और जिला शिक्षा कार्यालय (डीईओ) के अधिकारियों ने कहा है कि स्कूल प्रबंधक को प्रधानाध्यापिका को स्कूल में प्रवेश करने से रोकने का कोई अधिकार नहीं है।
डीईओ के एक अधिकारी ने यह भी कहा कि एक सरकारी आदेश स्कूलों में चूड़ीदार पहनने की अनुमति देता है।
भाषा यासिर नरेश
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