पश्चिम बंगाल : शुभेंदु ने विधानसभा में पेश 'लेखा अनुदान मांग' को 'फर्जी दस्तावेज' करार दिया
प्रशांत
- 05 Feb 2026, 05:44 PM
- Updated: 05:44 PM
कोलकाता, पांच फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा में पेश 'लेखा अनुदान मांग' की आलोचना करते हुए इसे ''झूठा और लक्ष्यहीन दस्तावेज'' करार दिया।
उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज चुनाव से प्रेरित वादों से भरा है और जिन्हें कानूनी रूप से लागू करना असंभव है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकांश घोषणाएं भ्रामक हैं क्योंकि आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने के बाद उन्हें क्रियान्वित नहीं किया जा सकता।
पश्चिम बंगाल सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया। इसमें तीन महीने से भी कम समय में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं, युवाओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को लक्षित करते हुए नकद सहायता और भत्ते में वृद्धि के प्रावधान किये गए हैं।
शुभेंदु ने कहा, ''अंतिम मतदाता सूची (14 फरवरी को) प्रकाशित होने के बाद, एमसीसी को किसी भी समय लागू किया जा सकता है। एमसीसी के तहत, सरकार वित्तीय लाभों में वृद्धि नहीं कर सकती है या लाभार्थियों की संख्या नहीं बढ़ा सकती है।''
भाजपा नेता ने लेखा अनुदान मांग को केवल चार महीने की व्यवस्था बताया, जिसका उद्देश्य वेतन जैसे नियमित खर्चों को पूरा करना था। उन्होंने कहा कि अप्रैल से लागू होने वाले वादे 'धोखे के सिवा कुछ नहीं' हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने बजट को 'बेरोजगार विरोधी' करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें रोजगार के कोई ठोस लक्ष्य निर्धारित नहीं हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर 'युवाश्री' योजना का नाम बदलकर 'युवा साथी' किये जाने की आलोचना की और इसे 'चालाकी और धोखा' करार दिया। इस योजना के तहत 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जॉब पोर्टल और युवा भत्ते के वादे बार-बार नाम बदल कर छोड़ दिये गए थे और अबतक इनपर कोई अमल नहीं हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि अंतरिम बजट में महिलाओं की सुरक्षा का कोई जिक्र नहीं है और आरोप लगाया कि सरकार मूलभूत सामाजिक चिंताओं को दूर करने में विफल रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत वित्तीय सहायता बढ़ाने की संभावना को तलाशने के लिए एक समिति गठित करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि सहायता राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह की जा सकती है।
उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार सत्ता संभालने के छह महीने के भीतर रोजगार संबंधी मुद्दों का समाधान करेगी।
भाषा धीरज प्रशांत
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