पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गाजियाबाद, नोएडा में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कार्य योजनाओं की समीक्षा की
अमित प्रशांत
- 15 Dec 2025, 10:05 PM
- Updated: 10:05 PM
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गाजियाबाद और नोएडा में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने की कार्य योजनाओं की सोमवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यादव ने साथ ही 31 दिसंबर की समय सीमा तक ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित करने में विफल रहने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शहर-विशिष्ट आकलन की एक नियोजित शृंखला के तहत यह पहली समीक्षा थी और आने वाले दिनों में राज्य-स्तरीय समीक्षा की जाएगी।
गाजियाबाद और नोएडा के वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक उठाये गए कदमों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।
इस समीक्षा में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए यातायात प्रबंधन, औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषण मानदंडों का अनुपालन, इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े और चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग सुविधाओं को सुदृढ़ करना और निर्माण एवं तोड़फोड़ अपशिष्ट तथा निकाय ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन में सुधार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मंत्री ने सड़क की धूल को नियंत्रित करने के उपायों की भी समीक्षा की, जिनमें सड़कों का पक्का निर्माण, यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों की तैनाती, एंटी-स्मॉग गन और पानी का छिड़काव का उपयोग और पैदल मार्गों और खुले स्थानों को हरा-भरा करना शामिल है।
जनभागीदारी से संबंधित पहलों का भी मूल्यांकन किया गया, जिनमें जागरूकता अभियान और ऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली शामिल हैं।
यादव ने शेष औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली की स्थापना के संबंध में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अद्यतन जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर की समय सीमा का सख्ती से पालन किया जाए और कहा कि अनुपालन ना करने वाली इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शहरी क्षेत्रों के आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का निरीक्षण करने और सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
मंत्री ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से शहर की कार्य योजनाओं को लागू करने के लिए उपयोग किए जाने वाले मापदंडों को और अधिक परिष्कृत करने और आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर की व्यापक समीक्षा के लिए उन्हें संकलित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के मापदंडों को उन्नत करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को धन का अधिक तर्कसंगत आवंटन किया जा सके।
उन्होंने विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन योजनाओं का भी आह्वान किया। सीएक्यूएम को शहरी खुले स्थानों को हरा-भरा बनाने और उनका बेहतर उपयोग करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने को कहा गया।
भाषा अमित