तृणमूल कांग्रेस ने ‘अधिकार यात्रा’ शुरू की
धीरज अविनाश
- 13 Mar 2024, 06:55 PM
- Updated: 06:55 PM
कोलकाता, 13 मार्च (भाषा) आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा घोषित उम्मीदवारों ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के लोगों के अधिकारों की वकालत करते हुए ‘बांग्लार अधिकार यात्रा’ शुरू की।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार राज्य के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
तामलुक से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार देबांगशु भट्टाचार्य ने लोगों को सुनने और उनकी चिंताओं को समझने के महत्व पर जोर दिया।
वह पूर्व मेदिनीपुर जिले के तामलुक में प्रसिद्ध बरगाभीमा मंदिर गए और पश्चिम बंगाल के प्रति केंद्र के कथित भेदभाव को, खासतौर पर मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत धन के आवंटन में उजागर करने के लिए पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया।
चुनावी राजनीति में पहली बार कदम रख रहे भट्टाचार्य ने लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तृणमूल कांग्रेस की प्रतिबद्धता दोहराई।
तृणमूल की सोशल मीडिया इकाई के प्रमुख भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ मैं यहां लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके साथ रहने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने आया हूं। हमारे अभियान लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए हैं।’’
यात्रा के तहत आयोजित सभाओं में भट्टाचार्य ने ‘खेला होबे’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन के तहत लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लोगों का संघर्ष पहले ही शुरू हो चुका है।
ब्रिगेड रैली के तीन दिन बाद यह यात्रा शुरू हुई, जिसमें सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों के लिए उचित मजदूरी सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
तृणमूल कांग्रेस का 10 दिवसीय अभियान मेदिनीपुर, बालूरघाट,अलीपुरद्वार, कूच बिहार, मालदा उत्तर और मालदा दक्षिण सहित विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों में शुरू हुआ।
मेदिनीपुर से तृणमूल उम्मीदवार जून मालियाह मतदाताओं से जुड़ने और उनके मुद्दों का समाधान करने के लिए लोगों के घर गईं और पदयात्रा की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ‘मां, माटी, मानुष’ को लेकर प्रतिबद्ध है।
घटाल से देव, कूचबिहार से पार्थ प्रतिम रे सहित अन्य तृणमूल उम्मीदवार भी अभियान में शामिल हुए।
भाषा धीरज