अगवा भारतीय की सुरक्षित रिहाई के लिए संपर्क में हैं भारत और सूडान: राजदूत
वैभव अमित
- 03 Nov 2025, 09:48 PM
- Updated: 09:48 PM
नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) भारत में सूडान के राजदूत मोहम्मद अब्दुल्ला अली एल्टॉम ने कहा कि उनका देश युद्ध प्रभावित अल फशीर शहर में रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) द्वारा अपहृत एक भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए सूडानी अधिकारियों और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।
एल्टॉम ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में बताया, ‘‘जब से भारतीय नागरिक के पकड़े जाने की खबरें सामने आई हैं, तब से हम भारतीय विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं। इससे पहले भी, सूडान के एक शहर की घेराबंदी के दौरान, मंत्रालय ने वहां एक अन्य भारतीय नागरिक के बारे में हमसे संपर्क किया था, जिसने उन 500 दिनों के दौरान बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम उनकी सुरक्षा और उनकी रिहाई के लिए सूडानी अधिकारियों और भारतीय विदेश मंत्रालय, दोनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’’
अपहृत भारतीय की पहचान ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के 36 वर्षीय आदर्श बेहरा के रूप में हुई है। सूत्रों ने बताया कि उन्हें खारतूम से लगभग 1,000 किलोमीटर दूर अल फशीर से अगवा किया गया था और संभवतः दक्षिण दारफुर में आरएसएफ के गढ़ न्याला ले जाया गया था।
एल्टॉम ने स्थिति को ‘बेहद अप्रत्याशित’ बताते हुए कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमें क्या करना है। और हमने देखा है कि वे क्या करने में सक्षम हैं। हमें उम्मीद है कि उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाएगा। और हमें उम्मीद है कि हम उन्हें जल्द ही सुरक्षित वापस आते हुए देख पाएंगे।’’
सूडान के मानवीय संकट के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर, राजदूत ने कहा, ‘‘भारत के साथ हमारे संबंध लंबे समय से चले आ रहे हैं और गहराई से जुड़े हैं। भारत हमेशा से सूडान का एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है - शांति और युद्ध दोनों समय में। इस संकट के दौरान, भारत ने सूडान को मानवीय सहायता प्रदान की है और ऐसा करना जारी रख रहा है।’’
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने सूडान को चिकित्सा सहायता और खाद्य आपूर्ति भेजी है, ‘‘जिसकी हम बहुत सराहना करते हैं।’’
एल्टॉम ने कहा, ‘‘हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। युद्ध के बाद जब सूडान पुनर्निर्माण के चरण में प्रवेश करेगा, तो हमारा मानना है कि भारत एक विकास साझेदार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।’’
भाषा वैभव