अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आरबीआई का जागरूकता शिविर
Daily world
- 25 Jun 2026, 11:33 PM
- Updated: 11:33 PM
डेलीवर्ल्ड ब्यूरो / मोतिहारी
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पटना क्षेत्रीय कार्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर पूर्वी चंपारण के होटल रुद्र रीजेंसी में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए उद्यमियों को वित्तीय समावेशन, संस्थागत ऋण और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन आरबीआई पटना के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने किया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और रोजगार सृजन, नवाचार तथा समावेशी विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उद्यमियों से डिजिटलीकरण अपनाने और बैंकिंग व सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का आह्वान किया।
आरबीआई पटना के महाप्रबंधक अमित कुमार ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए ऋण प्रवाह बढ़ाना, क्षमता निर्माण और समयबद्ध वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने बैंकों और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर बल दिया।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक अनुराग जोशी, बिहार ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष मुकुल सहाय, पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक लक्ष्मीकांत मिश्रा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक राजीव रंजन सिन्हा तथा पूर्वी चंपारण के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) के.एम. सिंह सहित कई वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारी उपस्थित रहे।
शिविर में 150 से अधिक उद्यमियों और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों द्वारा एमएसएमई वित्तपोषण, ऋण सुविधाओं और सरकारी योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद आयोजित ओपन हाउस सत्र में उद्यमियों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कई सफल उद्यमियों ने अपने अनुभव और सफलता की कहानियां भी साझा कीं।
आरबीआई पटना ने बताया कि 23 और 24 जून को बैंकर्स के लिए 42वें ‘नेशनल मिशन फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ बैंकर्स फॉर फाइनेंसिंग एमएसएमई’ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। दो दिवसीय प्रशिक्षण में बैंक अधिकारियों को एमएसएमई वित्तपोषण, ऋण मूल्यांकन, सरकारी योजनाओं और क्षेत्र की उभरती जरूरतों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रतिभागियों ने आरबीआई की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम जिले के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और स्थानीय आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।