सीबीआई ने एचपीपीसीएल इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी की
राखी राजकुमार
- 14 Sep 2025, 11:48 PM
- Updated: 11:48 PM
शिमला, 14 सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश राज्य ऊर्जा निगम (एचपीपीसीएल) के मुख्य अभियंता विमल नेगी की रहस्यमयी मौत की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को पहली गिरफ्तारी की।
करीब चार माह पहले हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंपा था।
यह मामला तब एक बड़े विवाद में बदल गया था जब नेगी की पत्नी ने दावा किया कि उनके पति को वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रताड़ित किया। विपक्षी भाजपा ने गहराई तक भ्रष्टाचार के पैठ बना लेने तथा राज्य सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया था।
सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘निलंबित एएसआई पंकज शर्मा को रविवार को गिरफ्तार किया गया है। उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा और हिरासत मांगी जाएगी।’’
विमल नेगी 10 मार्च को शिमला से लापता हो गए थे। उनका शव 18 मार्च को बिलासपुर जिले के गोविंद सागर झील से बरामद हुआ था। शर्मा उस वक्त घटनास्थल से नेगी का पेन ड्राइव और अन्य दस्तावेज बरामद करने वाला पहला व्यक्ति था । उस पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, एचपीपीसीएल के मुख्य अभियंता नेगी की मृत्यु उनके शव मिलने से लगभग पांच दिन पहले हो चुकी थी।
विमल की पत्नी किरण नेगी ने उनकी मौत की सीबीआई जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था और अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली थी तथा इस वर्ष 23 मई को यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने पंकज शर्मा से इन आरोपों के संबंध में कई बार पूछताछ की थी कि पेन ड्राइव से कुछ महत्वपूर्ण डेटा हटा दिया गया था और आखिरकार रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी बेहद अहम है क्योंकि इससे उन लोगों का पर्दाफाश हो सकता है जिन्होंने कथित तौर पर उसे अहम सबूतों से "छेड़छाड़" करने के लिए कहा था। पंकज शर्मा ने कथित तौर पर पेन ड्राइव अपने पास रख ली थी।
सीबीआई ने नेगी की मौत के सिलसिले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था और कई लोगों से पूछताछ की थी। सीबीआई ने नेगी के परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए थे।
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