डीजेबी मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे भाजपा विधायकों को मार्शल की मदद से विधानसभा से बाहर निकाला गया
राजकुमार अविनाश
- 08 Apr 2024, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में हुई कथित अनियमितताओं के संबंध में सोमवार को चर्चा की मांग कर रहे भाजपा विधायकों को मार्शल की मदद से विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया।
सदन की कार्यवाही विधानसभा सदस्यों द्वारा अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दे उठाने के साथ शुरू हुई, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक जल बोर्ड में हुई कथित अनियमितताओं पर चर्चा की मांग करने लगे।
विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया और विपक्षी सदस्यों से बैठ जाने को कहा।
जब भाजपा विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे तो गोयल ने मार्शल को उन्हें सदन से बाहर निकालने का निर्देश दिया।
सदन से निकाले जाने के बाद भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना दिया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा लंबे समय से कहती आ रही है कि डीजेबी ‘‘घोटाला’’ शराब घोटाले से भी बड़ा है तथा सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने इस संबंध में हमेशा प्रश्नों को टालने की चेष्टा की है।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि पिछले नौ सालों में 28,400 करोड़ रुपये का कोई लेखा-जोखा नहीं है।
सचदेवा ने दावा किया कि एकतरफ दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने कहा है कि विभाग को पैसे नहीं दिये जा रहे हैं जबकि दूसरी तरफ जल बोर्ड के खातों का 2016-17 से कोई ‘ऑडिट’ नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ आतिशी को यह समझना चाहिए कि बिना ऑडिट के किसी सरकारी विभाग को अनिश्चितकाल तक पैसा देना गैरकानूनी है तथा यही कारण है कि आज जल बोर्ड में घोटाला है।’’
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूरी ने कहा कि आप सरकार की अपनी रिपोर्ट कह रही है कि जल बोर्ड 73,000 करोड़ रुपये के घाटे में है और 28,400 करोड़ रुपये का लेखा-जोखा नहीं है।
बिधूरी ने कहा कि जल बोर्ड को दी गयी धनराशि अन्य उद्देश्यों पर खर्च की गयी और करोड़ों रुपये का घाटा हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए क्योंकि लोग आजिज हो चुके हैं और मुश्किल में हैं।
आम आदमी पार्टी की ओर इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
भाषा राजकुमार