दुर्घटनाओं को निमंत्रण देता तिलावे नदी पर बना पुल
मुकेश त्रिपाठी
- 20 Apr 2026, 03:44 PM
- Updated: 03:44 PM
मुकेश त्रिपाठी / डेली वर्ल्ड/ रामगढ़वा
प्रखंड के नवकठवा गांव में स्थित तिलावे नदी पर बना पुल इन दिनों जर्जर अवस्था में पहुंचना प्रारंभ कर दिया है।इस पुल का निर्माण 2017 में किया गया था। अब स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। यह पुल रेलवे स्टेशन रामगढ़वा का मुख्य मार्ग है एवं क्षेत्र के कई गांवों को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति लोगों के लिए खतरे का कारण बनती जा रही है। पुल की सतह जगह-जगह से टूटने और उखड़ने लगी है, जिससे आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मरम्मत पिछले कई वर्षों से नहीं कराई गई है। समय के साथ इसकी संरचना कमजोर होती गई और अब हालत यह है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गुजरना भी खतरे से खाली नहीं है। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पुल पर फिसलन बढ़ जाती है और गड्ढों में पानी भर जाने के कारण दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि पुल पर किसी भी प्रकार की रोशनी की व्यवस्था नहीं है। न तो यहां रेडियम लाइट लगाई गई है और न ही सोलर या इलेक्ट्रिक लाइट की कोई सुविधा उपलब्ध है। रात के समय पुल पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे राहगीरों को रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता। इस कारण कई बार लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई छोटी-बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल का उपयोग रोजाना हज्जारों लोग करते हैं, जिनमें छात्र, किसान और व्यापारी शामिल हैं। यह पुल उनके दैनिक जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी खराब स्थिति ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। लोगों को डर के साए में इस पुल से गुजरना पड़ता है, खासकर रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की तत्काल मरम्मत कराई जाए और यहां उचित रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया है कि पुल पर रेडियम संकेतक लगाए जाएं ताकि रात में वाहन चालकों को रास्ता स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस पुल की मरम्मत का कार्य शुरू होगा और उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल, क्षेत्र के लोग अपने स्तर पर सावधानी बरतते हुए इस पुल का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप बेहद जरूरी हो गया है।