सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने मणिपुर में सुलह की हिमायत की
सुभाष माधव
- 13 Jan 2025, 08:44 PM
- Updated: 08:44 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने हिंसा प्रभावित मणिपुर में ‘‘सुलह’’ की सोमवार को हिमायत की और इस बात पर भी जोर दिया कि सुरक्षा बलों के ‘‘समन्वित’’ प्रयासों एवं सरकार की ‘‘सक्रिय’’ पहल ने राज्य में स्थिति को नियंत्रण में ला दिया है।
सेना दिवस से पहले, मीडिया को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मणिपुर के नये राज्यपाल अजय कुमार भल्ला सुलह के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
सेना प्रमुख ने कहा कि मणिपुर में हिंसा की घटनाएं जारी हैं और सेना क्षेत्र में शांति लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने दृढ़तापूर्वक यह भी तर्क दिया कि राज्य में सुरक्षा बलों के बीच समन्वय की कोई कमी नहीं है।
मई 2023 से दो जातीय समूह, मेइती और कुकी समुदाय, एक घातक संघर्ष में शामिल हैं, जिसमें 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
जयशंकर ने कहा, ‘‘जनजातीय संबद्धताओं ने एक मजबूत रुख अपनाया है। लेकिन हमें यह सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश के दृष्टिकोण के रूप में काम करना होगा कि सुलह होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बस आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि (सुरक्षा बलों के बीच) समन्वय की कोई कमी नहीं है, लेकिन हमें यह समझना होगा कि कौन सा पक्ष कहां है।’’
जनरल द्विवेदी ने पूर्वोत्तर राज्य में संघर्ष के किसी भी ‘‘बाहरी आयाम’’ से इनकार नहीं किया।
उन्होंने कहा, सुरक्षा बलों के ‘‘समन्वित प्रयासों’’ और सक्रियता से की गई सरकारी पहल ने राज्य में स्थिति को नियंत्रण में ला दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, हिंसा की घटनाएं जारी हैं। हम क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।’’
जनरल द्विवेदी ने कहा कि विभिन्न गैर सरकारी संगठन और पूर्व सैन्यकर्मी सुलह सुनिश्चित करने के प्रयास में समुदाय के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं।
थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि म्यांमा की आंतरिक स्थिति के कारण उस देश से सैनिकों सहित लोगों का भारत में आना बढ़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक म्यांमा सेना के साथ हमारे संबंध का सवाल है, मैं बस आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि संपर्क पूरा हो गया है और हम उचित सद्भाव के साथ एक-दूसरे के साथ बातचीत कर रहे हैं...।’’
म्यांमा भारत के रणनीतिक महत्व वाले पड़ोसियों में से एक है और यह उग्रवाद प्रभावित नागालैंड और मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है।
भाषा सुभाष