अमित शाह ने जन्म, मृत्यु पंजीकरण के लिए मोबाइल ऐप जारी किया
नोमान धीरज
- 29 Oct 2024, 08:59 PM
- Updated: 08:59 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जन्म और मृत्यु के निर्बाध और परेशानी मुक्त पंजीकरण के लिए एक मोबाइल ऐप मंगलवार को पेश किया।
भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त द्वारा तैयार किए गए नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) मोबाइल ऐप से जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘डिजिटल इंडिया विजन’ के तहत प्रौद्योगिकी को शासन के साथ एकीकृत करने के लिए आज नागरिक पंजीकरण प्रणाली मोबाइल ऐप की शुरुआत की। यह ऐप नागरिकों को किसी भी समय, किसी भी स्थान से, और अपने राज्य की आधिकारिक भाषा में पंजीकरण करने की सुविधा देकर जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को सहज और परेशानी मुक्त बनाएगा।”
केंद्रीय मंत्री ने यहां भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
देश के पहले गृह मंत्री की जयंती से दो दिन पहले शाह ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए मोबाइल ऐप पेश किया और पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया।
शाह ने कहा, “सरदार साहब ने देश को एकता के सूत्र में पिरोकर मजबूत भारत की नींव रखी। राष्ट्रहित के लिए संघर्ष व त्याग के प्रतीक लौहपुरुष की यह प्रतिमा देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रतीक बन सभी को प्रेरणा देती रहेगी।”
सुबह ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाते हुए शाह ने कहा कि पटेल की जयंती आमतौर पर उनके जन्मदिन 31 अक्टूबर को ही आयोजित की जाती है, लेकिन इस साल यह दो दिन पहले आयोजित की जा रही है क्योंकि उस दिन दीपावली है।
पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था।
मोदी सरकार राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने और मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बढ़ावा देने और सुदृढ़ करने के लिए 2014 से 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मना रही है।
भारत के प्रथम गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री के रूप में, पटेल को 550 से अधिक रियासतों को भारत संघ में विलय कराने का श्रेय दिया जाता है।
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