भाजपा ने कोलकाता में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की; ममता के इस्तीफे, पॉलीग्राफ जांच की मांग की
सुभाष माधव
- 27 Aug 2024, 06:53 PM
- Updated: 06:53 PM
नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोलकाता में प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार व उसकी हत्या में शामिल लोगों को बचाने का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए मंगलवार को उन्हें ‘‘तानाशाह’’ करार दिया और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उनके इस्तीफे की मांग की।
भाजपा ने यह भी मांग की है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) बनर्जी और पुलिस आयुक्त विनीत गोयल की ‘पॉलीग्राफ’ जांच कराए। पार्टी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने (गोयल) शुरू में कहा था कि पीड़िता ने आत्महत्या की है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में जो कुछ हो रहा है, वह चिंताजनक है। यह संविधान को तार-तार करने जैसा है। यह स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है कि यदि देश में कोई तानाशाह है तो वह ममता बनर्जी हैं।’’
उन्होंने बनर्जी पर बलात्कार व हत्या मामले में संलिप्त लोगों को बचाने का आरोप लगाया और मांग की कि वह (बनर्जी) मुख्यमंत्री पद से तुरंत इस्तीफा दें, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी मांग की कि पीड़िता से बलात्कार व उसकी हत्या को शुरूआत में आत्महत्या बताने वाले पुलिस आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए और वह जांच का सामना करें।
उन्होंने कहा, ‘‘सच्चाई अवश्य सामने आनी चाहिए। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। सच का पता लगाने के लिए इसे (सीबीआई को) ममता बनर्जी और पुलिस आयुक्त की पॉलीग्राफ जांच करनी चाहिए।’’
पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार व उसकी हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया आरोपी संजय रॉय घटना की रात, कोलकाता पुलिस आयुक्त के नाम से पंजीकृत मोटरसाइकिल चला रहा था।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए। स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए ममता बनर्जी और कोलकाता पुलिस आयुक्त, दोनों को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
मालवीय ने मांग की कि सीबीआई को उन्हें हिरासत में लेना चाहिए, उनके फोन रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए और प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार व उसकी हत्या के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए उन दोनों (बनर्जी और पुलिस आयुक्त) की ‘पॉलीग्राफ’ जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कई परतें हैं। सीबीआई के समक्ष एक कठिन चुनौती है, क्योंकि कोलकाता पुलिस और ममता बनर्जी ने सभी सबूतों को मिटाने और घटना में शामिल लोगों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की है।’’
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