असम-मिजोरम सीमा विवाद को लेकर अगले दौर की वार्ता जनवरी में होगी: असम के मंत्री
खारी रंजन
- 11 Aug 2024, 07:50 PM
- Updated: 07:50 PM
गुवाहाटी, 11 अगस्त (भाषा) असम के सीमा सुरक्षा और विकास मंत्री अतुल बोरा ने रविवार को कहा कि मिजोरम के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए अगले दौर की चर्चा अगले साल जनवरी में गुवाहाटी में होगी।
मंत्री बोरा ने कहा कि दोनों राज्य सरकारें दशकों पुराने विवाद का समाधान चाहती हैं ताकि दोनों तरफ अंतर-राज्यीय सीमा के पास रहने वालों के लिए स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मंत्री आइजोल से लौटने के बाद गुवाहाटी में संवाददाताओं से बात कर रहे थे। असम सरकार ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए पिछले सप्ताह मिजोरम सरकार के गृह मंत्री के सपडांगा के नेतृत्व वाली एक टीम के साथ बातचीत की थी। आइजोल में असम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बोरा ने किया था।
बोरा ने कहा, ‘‘पिछले साल मिजोरम में विधानसभा चुनावों के कारण सीमा विवाद को लेकर वार्ता नहीं हो पायी। अब हम फिर से विवाद को सुलझाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। मिजोरम का एक मंत्रिस्तरीय समूह जनवरी तक अगले दौर की वार्ता के लिए गुवाहाटी का दौरा करेगा। हमने उन्हें अपना निमंत्रण दिया है।’’
दोनों पूर्वोत्तर राज्यों ने 20 महीने के अंतराल के बाद पिछले सप्ताह आइजोल में सीमा विवाद को सुलझाने के लिए वार्ता की। पिछली बैठक नवंबर 2022 में गुवाहाटी में आयोजित की गई थी।
उन्होंने बताया कि असम प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा के दौरान मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा से भी मुलाकात की।
बोरा ने कहा, ‘‘उन्होंने (मिजोरम के मुख्यमंत्री) हमारे सामने अपने बयान में स्पष्ट किया था कि वे भी सीमा समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। हम उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।’’
शुक्रवार को आइजोल में बैठक के बाद दोनों राज्यों ने विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
यह भी निर्णय किया गया कि दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारी संबंधों को बेहतर बनाने के लिए अगले साल 31 मार्च से पहले संयुक्त सांस्कृतिक और खेल उत्सव आयोजित करेंगे।
मिजोरम के तीन जिलों-आइजोल, कोलासिब और ममित तथा असम के कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिलों को लेकर विवाद है, जिनके बीच 164.6 किलोमीटर लंबी सीमा है।
भाषा खारी