दस विदेशी एयरलाइंस से 10,000 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग, आईएटीए ने जताई नाखुशी
प्रेम प्रेम अजय
- 06 Aug 2024, 08:08 PM
- Updated: 08:08 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) वैश्विक एयरलाइंस संगठन ने 10 विदेशी एयरलाइन कंपनियो को 10,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस भेजे जाने का मुद्दा सुलझाने का सरकार से आग्रह करते हुए मंगलवार को कहा कि यह मामला भारत की मजबूत विमानन क्षमता को कमजोर करने के साथ जोखिम में भी डाल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) भारत समेत दुनियाभर की 330 से अधिक एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सदस्यों की वैश्विक हवाई यातायात में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत में परिचालन करने वाली 10 विदेशी एयरलाइंस को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की मांग के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
आईएटीए ने सरकार से इस मामले को सुलझाने का आग्रह करते हुए कहा कि विमानन उद्योग के कई प्रतिवेदनों के बावजूद भारत में परिचालन कर रहीं कुछ विदेशी एयरलाइंस को जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) का कारण बताओ नोटिस जारी करना निराशाजनक है।
आईएटीए के उत्तर एशिया एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अंतरिम क्षेत्रीय उपाध्यक्ष झी जिंगक्वान ने बयान में कहा, ‘‘डीजीजीआई का यह दावा दोषपूर्ण है कि हवाई परिवहन सेवाएं देते समय विदेशी एयरलाइंस (भारत में शाखा कार्यालय वाली) के मुख्यालय की तरफ से किए गए खर्चों पर जीएसटी लागू होना चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन के प्रावधान में शामिल प्रकृति और समझौतों को भी ध्यान में नहीं रखता है।’’
जिंगक्वान ने कहा कि भारत का इस तरह का नजरिया अलग है और दुनियाभर में कहीं भी ऐसा नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के बाहर उड़ानों का परिचालन करने वाली भारतीय एयरलाइंस को भी ऐसी स्थिति या मांग का सामना नहीं करना पड़ता है।’’
डीजीजीआई की जांच के दायरे में 10 विदेशी एयरलाइन हैं और उन्हें अक्टूबर, 2023 से कर नोटिस भेजे गए हैं।
आईएटीए ने इस मामले पर भारत सरकार को एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा था।
जिंगक्वान ने कहा, ‘‘हवाई परिवहन की अंतरराष्ट्रीय प्रकृति के लिए वैश्विक स्तर पर एक स्पष्ट और सुसंगत नीति प्रारूप की जरूरत है। आईएटीए ने इस बारे में भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखा है। संगठन ने सरकार से इस मामले को तत्काल हल करने में मदद करने का भी आग्रह किया है, जो भारत की मजबूत विमानन क्षमता को कमजोर और जोखिम में डाल सकता है।’’
आईएटीए की भारत इकाई के निदेशक अमिताभ खोसला ने जून में कहा था कि अब तक 10 विदेशी एयरलाइन को जांच के लिए चुना गया है जो कि ‘अभूतपूर्व’ है।
भाषा प्रेम प्रेम